देहरादून | 24 दिसंबर 2025
राजधानी देहरादून के राजकीय दून अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओपीडी भवन की लिफ्ट में 12 लोग अचानक फंस गए। बिजली गुल होने के बाद ऑटोमैटिक जनरेटर भी समय पर चालू नहीं हुआ, जिससे करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे लोगों की जान सांसत में रही।
अचानक चली गई ओपीडी भवन की बिजली
जनरेटर नहीं हुआ चालू, बढ़ी मुश्किल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच दून अस्पताल के ओपीडी भवन की बिजली अचानक चली गई। नियमानुसार बिजली कटते ही कुछ ही सेकेंड में ऑटोमैटिक जनरेटर शुरू हो जाना था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ऐसा नहीं हो सका। अस्पताल प्रशासन और मरीजों ने करीब पांच मिनट तक बिजली लौटने का इंतजार किया।
लिफ्ट के भीतर मची घबराहट
मदद के लिए दबाते रहे बटन
इसी दौरान लिफ्ट में फंसे लोग अंदर से लगातार बटन दबाकर बाहर निकालने की गुहार लगाते रहे। समय बीतने के साथ घबराहट बढ़ती गई। बताया जा रहा है कि लिफ्ट भी हैंग हो गई थी, जिससे अंदर मौजूद लोग और ज्यादा डर गए।
तकनीकी टीम को पहुंचने में लगा वक्त
ट्रिप मिला जनरेटर, हाथ से किया गया स्टार्ट
जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो ओपीडी के अधिकारियों ने तकनीकी संवर्ग को सूचना दी। उस समय तकनीकी कर्मचारी पुरानी बिल्डिंग के मोर्चरी क्षेत्र में टिनशेड की वायरिंग में लगे थे। वहां से ओपीडी भवन पहुंचने में उन्हें 10 से 12 मिनट का समय लगा।
जांच के दौरान पता चला कि जनरेटर ट्रिप हो गया था, जिस कारण वह स्वतः चालू नहीं हो पाया। इसके बाद कर्मचारियों ने मैनुअल तरीके से जनरेटर शुरू किया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 20 मिनट का समय लग गया।
मैनुअल प्रक्रिया से खोली गई लिफ्ट
सुरक्षित बाहर निकाले गए लोग
बिजली बहाल होने के बाद ऑपरेटरों ने मैनुअल प्रक्रिया अपनाकर लिफ्ट का दरवाजा खोला और अंदर फंसे सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि इस दौरान लिफ्ट में मौजूद लोगों की हालत बेहद तनावपूर्ण रही।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
बार-बार सवालों के घेरे में लिफ्ट व्यवस्था
यह पहला मामला नहीं है जब दून अस्पताल की लिफ्ट में लोग फंसे हों।
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वर्ष 2020 में दो बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
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एक बार 6 लोग
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दूसरी बार 3 लोग लिफ्ट में फंसे थे।
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इसके अलावा समय-समय पर लिफ्ट बंद होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिनमें स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक तक फंस चुके हैं।
जांच के आदेश, ऑपरेटर तलब
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
घटना को लेकर दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन सख्त नजर आ रहा है।
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा,
“अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली गई है। लिफ्ट में लोग क्यों फंसे, इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। लिफ्ट ऑपरेटर को तलब किया गया है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष
तकनीकी खामियों पर उठे गंभीर सवाल
दून अस्पताल जैसी प्रमुख स्वास्थ्य संस्था में इस तरह की घटना ने सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बार-बार लिफ्ट में फंसने की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि तकनीकी जांच और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में मरीजों और आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े।


