देहरादून | 18 जनवरी 2026
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने वाला देहरादून–पांवटा साहिब नेशनल हाईवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे इस हाईवे का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होते ही देहरादून से पांवटा साहिब की दूरी महज 35 मिनट में तय की जा सकेगी।
44 किलोमीटर लंबा हाईवे, आधुनिक सुविधाओं से लैस
यह हाईवे कुल 44 किलोमीटर लंबा है और इसे आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। परियोजना के तहत यमुना नदी पर 1.17 किलोमीटर लंबा भव्य पुल तैयार किया गया है, जो इस मार्ग की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश की ओर पुल की एप्रोच रोड का कार्य अभी प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
अंडरपास बनते ही घटेगा यात्रा समय
एनएचएआई के अनुसार, प्रेमनगर नगर के पास निर्माणाधीन अंडरपास का कार्य पूरा होते ही यातायात निर्बाध हो जाएगा। इसके बाद दून से पांवटा साहिब का सफर मात्र 35 मिनट में संभव होगा, जो वर्तमान समय की तुलना में काफी कम है।
1640 करोड़ की लागत, दो चरणों में तैयार हुई परियोजना
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस हाईवे परियोजना को वर्ष 2022 में स्वीकृति मिली थी।
कुल 1640 करोड़ रुपये की लागत से इसे दो चरणों (पैकेज) में तैयार किया गया—
पैकेज-1: पांवटा साहिब से मेदनीपुर
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लंबाई: 18.700 किमी
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लागत: 523.21 करोड़ रुपये
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प्रमुख कार्य: यमुना नदी पर 1.17 किमी लंबा पुल
पैकेज-2: मेदनीपुर से बल्लुपर
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लंबाई: 26.100 किमी
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लागत: 1093 करोड़ रुपये
🌄 उत्तराखंड–हिमाचल को जोड़ेगा हाईवे
यह नेशनल हाईवे हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सीधे जोड़ता है। इसके चालू होने से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के साथ
सहायक अभियंता सुमित सिंह, रवि दिनकर, पंकज भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
देहरादून–पांवटा साहिब नेशनल हाईवे उत्तराखंड और हिमाचल के लिए एक रणनीतिक और आर्थिक रूप से अहम परियोजना है। 95 प्रतिशत निर्माण पूरा होने के साथ यह परियोजना अब जल्द ही आम जनता को समर्पित होने की ओर बढ़ रही है। इसके शुरू होते ही न केवल लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिलेगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच संपर्क और विकास को भी नई गति मिलेगी।


