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देवप्रयाग में टला बड़ा हादसा: तोता घाटी में ब्रेक फेल होने पर चालक की सूझबूझ से बची 39 यात्रियों की जान

देवप्रयाग/ऋषिकेश, 28 फरवरी 2026

ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तोता घाटी में शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कर्णप्रयाग से हरिद्वार जा रही जीएमओयू की बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए, जिससे बस में सवार 39 यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि चालक की सूझबूझ और साहसिक निर्णय के चलते सभी यात्रियों की जान बच गई।


ढलान पर फेल हुए ब्रेक, मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार बस जब तोता घाटी की खतरनाक ढलान से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। ढलान तेज होने के कारण बस की रफ्तार लगातार बढ़ती चली गई। बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


मिट्टी-पत्थरों से रोकने की कोशिश रही नाकाम

बस चालक जयंती प्रसाद (पुत्र भगवती प्रसाद), निवासी सुंदर गांव, कर्णप्रयाग ने बताया कि उन्होंने बस की रफ्तार कम करने के लिए कई बार सड़क किनारे पड़ी मिट्टी और पत्थरों पर टायर चढ़ाकर वाहन रोकने की कोशिश की। लेकिन ढलान अधिक होने के कारण बस की गति नियंत्रित नहीं हो सकी।


सुरक्षा पिलर से टकराकर रोकी बस

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने अदम्य साहस का परिचय दिया और बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए सड़क किनारे लगे सुरक्षा पिलर से टकरा दिया। पिलर से टकराते ही बस रुक गई। यदि यह निर्णय न लिया जाता तो बस सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।

तोता घाटी क्षेत्र पूर्व में भी दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील रहा है, जहां जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।


पांच यात्री घायल, सभी सुरक्षित

घटना की सूचना मिलते ही बछेलीखाल चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टक्कर के कारण बस में सवार पांच यात्रियों को हल्की चोटें आईं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ऋषिकेश भेज दिया गया है। शेष सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें अन्य वाहनों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।


तकनीकी जांच शुरू

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ब्रेक फेल होने का कारण क्या था। प्रारंभिक तौर पर इसे यांत्रिक खराबी माना जा रहा है।


निष्कर्ष

तोता घाटी में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर वाहन चालकों की जिम्मेदारी और सतर्कता की अहमियत को दर्शाता है। चालक जयंती प्रसाद की सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने 39 जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया। प्रशासन ने भी समय पर पहुंचकर स्थिति को संभाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

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