देहरादून/रुड़की, 5 मार्च 2026
उत्तराखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे जा रहे राशन की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाते हुए हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित सेंट्रल गोदाम पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
माड़ी चौक स्थित गोदाम पर की औचक जांच
जिलाधिकारी सविन बंसल गुरुवार को अचानक रुड़की के माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पहुंचे, जहां से राज्य के विभिन्न जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन की आपूर्ति की जाती है।
यह कार्रवाई बच्चों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई। निरीक्षण के दौरान गोदाम की व्यवस्था और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कई खामियां सामने आईं।
गोदाम में मिला बाल श्रम, मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
छापेमारी के दौरान गोदाम में बाल श्रमिकों से काम कराए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गोदाम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का कहना है कि बच्चों और महिलाओं के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों के गोदाम में इस तरह की अनियमितता बेहद गंभीर मामला है।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान खजूर और केले के चिप्स के पैकेटों की जांच की गई, जिसमें कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट संदिग्ध पाई गई। कुछ पैकेटों पर तारीख का उल्लेख ही नहीं था, जबकि कई पैकेटों पर छपी हुई तारीख की जगह स्टैंप से तारीख लगाई गई थी।
इसके अलावा गोदाम में खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए आवश्यक तापमान नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं मिली, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत है।
पुराने अंडे और राशन बांटने की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर और जनवरी में आए अंडे और अन्य खाद्य सामग्री मार्च महीने में वितरित करने की तैयारी की जा रही थी।
गोदाम में रखे रजिस्टर भी अद्यतन नहीं मिले और खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनी की ओर से जारी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
वाहनों को रुकवाकर लिए गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रवाना हो रहे वाहनों को भी रुकवाया। इन वाहनों में टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खाद्य सामग्री भेजी जा रही थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर इन वाहनों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। जांच के दौरान अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई।
निष्कर्ष
रुड़की के सेंट्रल गोदाम में सामने आई अनियमितताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल की इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है, ताकि भविष्य में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता न किया जा सके।


