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देहरादून की श्री बद्रीश कॉलोनी में ऐतिहासिक आयोजन, 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

देहरादून | 26 जनवरी 2026

श्री बद्रीश कॉलोनी कल्याण समिति, देहरादून द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य और भावनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कॉलोनी में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर गणतंत्र दिवस मनाए जाने से पूरे क्षेत्र में उत्साह और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।


कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी से हुई, जिसमें देशभक्ति नारों और तिरंगे के साथ कॉलोनीवासियों ने सहभागिता की। इसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया और सभी उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन कर संविधान और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।


इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें वीर नारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कॉलोनी के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान दिया गया। इस अनूठे सम्मान कार्यक्रम की कॉलोनीवासियों ने मुक्त कंठ से सराहना की। लोगों का कहना था कि लगभग 40 वर्ष पुरानी कॉलोनी के इतिहास में पहली बार इस प्रकार का गरिमामय और प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला है।


कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। श्री देवेंद्र पंवार (सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर), श्री जे.पी. जुयाल (सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर), रविंद्र सजवाण और अरविंद सकलानी ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ किया।


समिति के कोषाध्यक्ष अशोक बलूनी ने बताया कि समिति के अध्यक्ष के साथ मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात परिश्रम किया गया। उन्होंने कहा कि कॉलोनीवासियों के सहयोग से यह कार्यक्रम एक यादगार आयोजन बन सका।


इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष चित्रपाल सजवाण, के.पी. उनियाल, प्रदीप नवानी, मोहन लाल गैरोला, दिनेश चंद काला, डॉ. एस.पी. सेमवाल, डॉ. दिनेश चंद नैनवाल, राजेंद्र बलूनी (सेवानिवृत्त एसपी), कैलाश कोठियाल (सेवानिवृत्त डीएसपी), मीनू सुंदरियाल, विमला रावत, रेखा गोदियाल, उर्मिला भट्ट, वीरेंद्र नेगी, आनंद सिंह बिष्ट, गौरव सेनानी संगठन रायपुर मंडल के अध्यक्ष हरिश सकलानी, भोला जोशी, प्रताप सिंह रांगड सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और कॉलोनीवासी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

श्री बद्रीश कॉलोनी कल्याण समिति द्वारा आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह न केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, वरिष्ठजनों के सम्मान और वीर नारियों के प्रति कृतज्ञता का सशक्त संदेश भी देकर गया। यह आयोजन भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों की नींव साबित होगा।

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