देहरादून | दिनांक: 5 फरवरी 2026
राजधानी देहरादून में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहनों ने शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। आए दिन हो रही टक्करों से सड़क किनारे और डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोल क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे कई इलाकों में रात के समय अंधेरा छा जाता है। इससे जहां दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, वहीं नगर निगम को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, जीएमएस रोड और हरिद्वार बाईपास जैसे व्यस्त मार्गों पर इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रात के समय तेज रफ्तार में दौड़ते वाहन जरा सी चूक में अनियंत्रित होकर स्ट्रीट लाइट के पोल से टकरा जाते हैं। टक्कर के बाद पोल टूट जाते हैं या लाइटें खराब हो जाती हैं, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।
नगर निगम के स्ट्रीट लाइट प्रभारी रंजीत राणा ने बताया कि हाल ही में सहस्रधारा रोड पर मयूर विहार के पास एक तेज रफ्तार थार वाहन ने डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कई लाइटें बंद हो गईं। सूचना मिलने पर निगम की टीम मौके पर पहुंची तो वाहन सवार युवकों ने कर्मचारियों से अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा और अंततः नुकसान की भरपाई उनसे कराई गई।
इसी तरह लालपुल से कारगी जाने वाले मार्ग पर उद्योग निदेशालय के सामने एक ट्रक की टक्कर से कई स्ट्रीट लाइटें क्षतिग्रस्त हो गईं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामले अब अपवाद नहीं, बल्कि रोजमर्रा की समस्या बन चुके हैं।
पोल टूटने से बढ़ता खर्च
स्ट्रीट लाइट के पोल टूटने या लाइट खराब होने की स्थिति में नगर निगम को नया पोल, लाइट, स्विच और तार लगवाने पड़ते हैं। इससे निगम के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार, हर महीने इस तरह की घटनाओं से निगम को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जल्द जारी होंगे टेंडर
शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम जल्द ही नए पोल और लाइटों से जुड़े कार्यों के टेंडर जारी करेगा। ये टेंडर पहले जनवरी में प्रस्तावित थे, लेकिन प्रदेश सरकार की नई टेंडर नीति के तहत केवल मूल या स्थायी निवासियों को शामिल किए जाने के प्रावधान के कारण प्रक्रिया रोक दी गई थी। अब इसी माह टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
4000 पोल और 5000 नई लाइटें लगाने की योजना
नगर निगम ने शहरभर में 4000 नए बिजली के पोल और 5000 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की विस्तृत योजना तैयार की है। टेंडर शर्तों के अनुसार ठेकेदार केवल पोल लगाने का कार्य करेंगे, जबकि स्ट्रीट लाइट, स्विच और तार लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम स्वयं निभाएगा।
चार जोन में होगा काम
तेजी से काम पूरा करने के लिए पूरे शहर को चार जोन में बांटा गया है। पहला जोन वार्ड 1 से 25, दूसरा 26 से 50, तीसरा 51 से 75 और चौथा 76 से 100 तक रहेगा। चारों जोन में एक साथ काम शुरू किया जाएगा और शर्त रखी गई है कि पूरा कार्य चार माह के भीतर पूरा हो।
नए वार्डों पर विशेष फोकस
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम का खास ध्यान 32 नए वार्डों पर रहेगा। इन क्षेत्रों में बीते वर्षों में तेजी से कॉलोनियां विकसित हुई हैं और स्ट्रीट लाइट व बिजली के पोलों की सबसे अधिक जरूरत है। कुंआवाला, बालावाला, नथुआवाला, हर्रावाला, मियांवाला, मोहकमपुर, नेहरूग्राम, रायपुर, लाडपुर, डांडा लखौड़, कुल्हान, मालसी, बडोवाला, श्यामपुर, चंद्रबनी, मेहूंवाला, बंजरावाला, मोथरोवाला, नवादा, बद्रीपुर, जोगीवाला और रिंग रोड से सटे इलाके प्राथमिकता में रखे गए हैं।
निष्कर्ष:
तेज रफ्तार वाहनों से क्षतिग्रस्त होती स्ट्रीट लाइटें केवल नगर निगम के बजट पर बोझ नहीं हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी हैं। नई लाइटें और पोल लगाने की योजना से राहत की उम्मीद जरूर है, लेकिन जब तक रफ्तार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक अंधेरे और दुर्घटनाओं का यह सिलसिला थमना मुश्किल है।


