पटेलनगर क्षेत्र में प्लास्टिक और रबर के कचरे से भरे गोदाम में लगी आग ने लिया विकराल रूप, पांच फायर टेंडरों ने डेढ़ लाख लीटर पानी डालकर पाया काबू
देहरादून, 16 मार्च 2026
राजधानी देहरादून के पटेलनगर स्थित कबाड़ी बाजार में रविवार देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कूड़े और प्लास्टिक से भरे एक बड़े कबाड़ी गोदाम में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन तेज हवाओं और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण आग तेजी से फैलती रही। आखिरकार करीब 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पांच फायर टेंडरों की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
गोदाम में रखा सारा सामान जलकर खाक
मिली जानकारी के अनुसार पटेलनगर के कबाड़ी बाजार में स्थित यह गोदाम प्लास्टिक, रबर और अन्य कबाड़ सामग्री से भरा हुआ था। आग लगने के बाद अंदर रखा सारा सामान धू-धू कर जलने लगा और देखते ही देखते पूरा गोदाम आग की चपेट में आ गया।
हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखा लाखों रुपये का कबाड़ पूरी तरह जलकर राख हो गया।
हाई टेंशन लाइन बनी बड़ी चुनौती
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के दौरान एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। गोदाम के पास हाई टेंशन बिजली लाइन टूटी हुई थी और लगातार स्पार्क कर रही थी, जिससे खतरा और बढ़ गया था।
फायरकर्मियों ने सबसे पहले बिजली विभाग से संपर्क कर विद्युत सप्लाई बंद कराई और हाई टेंशन लाइन को सुरक्षित तरीके से हटाया। इसके बाद ही आग बुझाने का अभियान तेज किया गया।
प्लास्टिक और रबर के कारण उठता रहा घना धुआं
गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और रबर का कचरा होने के कारण आग बुझाना बेहद मुश्किल हो गया। इन पदार्थों के जलने से घना और जहरीला धुआं उठता रहा, जिससे फायरकर्मियों को काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की टीमों ने लगातार प्रयास जारी रखा और डेढ़ लाख लीटर से अधिक पानी डालकर आग पर पूरी तरह काबू पाया।
पुलिस ने भी संभाली मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पटेलनगर कोतवाली की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास के इलाके को घेरकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा और फायरकर्मियों को आग बुझाने में सहयोग किया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
बीएसएनएल कार्यालय के पास कपड़ों की दुकान भी जली
इसी दौरान सोमवार तड़के लालपुल स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पास सड़क किनारे एक कपड़ों की दुकान में भी आग लग गई, जिससे दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
दुकान में उस समय एक युवक मौजूद था, जिसने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसे किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी।
लाखों के रेडीमेड कपड़े हुए स्वाह
दुकान मालिक विनोद ने बताया कि उनकी दुकान में लाखों रुपये के रेडीमेड कपड़े, कूलर, इनवर्टर और आलमारी रखी हुई थी, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा हर्ष अक्सर दुकान के अंदर ही सोता था। रविवार तड़के करीब तीन बजे कूलर के पास से अचानक चिंगारी उठी, जो देखते ही देखते कपड़ों में फैल गई।
हर्ष ने फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई।
वापस लौट रही फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
संयोग से उसी समय कारगी चौक क्षेत्र से आग बुझाकर लौट रही फायर ब्रिगेड की टीम वहां से गुजर रही थी। उन्होंने तुरंत अपने वाहन रोककर आग बुझाने का काम शुरू किया और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया।
हालांकि तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। प्रारंभिक तौर पर यहां भी शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है।
निष्कर्ष
देहरादून में एक ही दिन में आग की दो बड़ी घटनाओं ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और बिजली से जुड़ी सावधानियों की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है। फायर ब्रिगेड की तत्परता और कड़ी मेहनत के चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इन घटनाओं में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा।


