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देहरादून: ढाई लाख के विवाद में दोस्त बने कातिल, दिगंबर हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

देहरादून, 22 फरवरी 2026

राजधानी देहरादून के बहुचर्चित दिगंबर धीमान हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महज ढाई लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में तीन दोस्तों ने मिलकर 28 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने टैक्सी चालक को 15 हजार रुपये का लालच भी दिया था। पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


ढाई लाख रुपये बना हत्या की वजह

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि दिगंबर धीमान और उसके दोस्तों के बीच करीब ढाई लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। 9 फरवरी को दिगंबर अपने दोस्तों के साथ पार्टी में गया था। इसी दौरान कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने लोहे की रॉड और हथौड़े से उस पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


शव ठिकाने लगाने की साजिश, ड्राइवर को दिया लालच

हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को हरिद्वार जिले के श्यामपुर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर ठिकाने लगा दिया। इसके लिए उन्होंने एक कार किराए पर ली और चालक को 15 हजार रुपये देने का लालच दिया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है।


गुमशुदगी से शुरू हुई जांच

शास्त्रीनगर खाला सीमाद्वार निवासी संतराम ने 11 फरवरी को थाना बसंत विहार में अपने बेटे दिगंबर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा 9 फरवरी से लापता है।
17 फरवरी को मंजू सैनी नामक महिला ने सूचना दी कि उसके पति हेमंत सेमवाल और उसके दो साथियों आदिल व संजू ने दिगंबर की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और जंगल से शव बरामद कर लिया।


आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी—हेमंत कुमार उर्फ हेमंत सेमवाल, आदिल और वैभव भट्ट उर्फ सज्जू—का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। तीनों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और हथौड़ा भी बरामद कर लिया है।


कड़ी धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में चार्जशीट जल्द अदालत में पेश की जाएगी।


निष्कर्ष

एक मामूली आर्थिक विवाद ने दोस्ती को खून के रिश्ते में बदल दिया। दिगंबर हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि लालच और आपसी रंजिश किस तरह इंसान को अपराध की राह पर धकेल देती है। पुलिस की तत्परता से मामले का खुलासा तो हो गया, लेकिन एक परिवार ने अपना जवान बेटा हमेशा के लिए खो दिया।

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