BREAKING

देहरादून: नर्सिंग स्टाफ ने लगाया खुद को ज़हर का इंजेक्शन, सुसाइड नोट में लिखा– “पापा, मुझे माफ कर देना”

स्थान – देहरादून | दिनांक – 24 अक्टूबर 2025


कंडोली में दर्दनाक घटना, नर्सिंग स्टाफ ने की आत्महत्या
देहरादून के प्रेमनगर थानाक्षेत्र के कंडोली में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में कार्यरत एक नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली। युवक ने खुद को ज़हर का इंजेक्शन लगाकर जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट, दो खाली सिरिंज, और एक ज़हर की शीशी बरामद हुई।


मृतक की पहचान अशोक (32) के रूप में हुई
मृतक की पहचान अशोक (32) पुत्र प्रकाश चंद, निवासी भद्रकाली, कंडोली के रूप में हुई है। वह श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसने अपनी बाईं बांह में कैनुला लगाकर ज़हर का इंजेक्शन चढ़ाया था।


पिता ने दी पुलिस को सूचना
थाना प्रेमनगर की बिधौली चौकी प्रभारी प्रवीण सैनी ने बताया कि अशोक के पिता प्रकाश चंद ने पुलिस को सूचना दी कि उनका बेटा कमरे में मृत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे की जांच की।


कमरे से बरामद हुआ सुसाइड नोट और ज़हर की शीशी
पुलिस जब कमरे में पहुंची तो अशोक अपने बिस्तर पर मृत अवस्था में मिला। उसके हाथ में कैनुला लगी थी और पास में सिरिंज, शीशी और मोबाइल फोन रखे थे। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की जबरदस्ती या बाहरी हस्तक्षेप के प्रमाण नहीं मिले हैं।


सुसाइड नोट में लिखे पासवर्ड और परिवार के लिए भावुक संदेश
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में अशोक ने किसी को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उसने अपने मोबाइल और अकाउंट्स के पासवर्ड नोट में लिखे ताकि परिवार को आगे किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
नोट में अशोक ने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा,

पापा, मैंने आपका दिल दुखाया है, मुझे माफ कर दीजिए। मेरी मोटरसाइकिल का ध्यान रखना, उसे आप चलाना।
अकाउंट से पैसे निकालकर बहन की शादी कर देना।”

यह पंक्तियाँ अशोक की मानसिक स्थिति और अपने परिवार के प्रति उसके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती हैं।


पुलिस जांच जारी, अस्पताल प्रबंधन ने जताया शोक
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के पीछे के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। वहीं, श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्टाफ की इस आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है और परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है।


निष्कर्ष
देहरादून की यह घटना मानसिक दबाव और अवसाद जैसे कारणों की ओर इशारा करती है। नर्सिंग जैसे संवेदनशील पेशे में कार्यरत लोगों पर मानसिक तनाव का असर गहरा हो सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना और सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *