देहरादून | उत्तराखंड | दिनांक: 14 फरवरी 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर मचे सियासी और प्रशासनिक हलचल के बीच बड़ा फैसला लिया गया है। महज 48 घंटे के भीतर हुई दो सनसनीखेज हत्याओं के बाद एसएसपी देहरादून अजय सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को देहरादून का नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। बीते कई महीनों से सोशल मीडिया पर हर महीने तबादलों की संभावित सूची सामने आती रही। पिछली चर्चा में माना जा रहा था कि होली के बाद प्रशासनिक फेरबदल होगा, लेकिन देहरादून में हुए विक्रम हत्याकांड और इसके बाद की घटनाओं ने इस प्रक्रिया को अचानक तेज कर दिया।
जानकारी के अनुसार, तबादलों की सूची करीब डेढ़ महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा था। जैसे ही राजधानी में अपराध का ग्राफ अचानक ऊपर गया, यह सूची फाइलों से बाहर आ गई और तुरंत अमल में लाई गई।
तबादले के बाद अजय सिंह को एक बार फिर उनकी पुरानी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में तैनात किए गए हैं, जहां वे पहले भी दो साल से अधिक समय तक सेवाएं दे चुके हैं। उस कार्यकाल के दौरान नकल माफिया पर कड़ी कार्रवाई, बड़े साइबर फ्रॉड मामलों का खुलासा और संगठित अपराध पर प्रहार उनकी प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।
एसटीएफ से पहले अजय सिंह का हरिद्वार में अल्पकालिक कार्यकाल भी संतोषजनक माना गया। इसके बाद जब उन्होंने देहरादून की कमान संभाली, तो करीब डेढ़ माह के भीतर ही रिलायंस ज्वैलरी डकैती जैसे बड़े मामले की चुनौती सामने आ गई। हालांकि बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन डकैती की पूरी रिकवरी अब भी पुलिस के लिए एक पहेली बनी हुई है।
देहरादून में अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान अजय सिंह को एक के बाद एक कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लगातार बढ़ते अपराध के दबाव के बीच अंततः ऐसी चुनौती सामने आई, जिसने उनके दून के कार्यकाल पर विराम लगा दिया।
वहीं, नए एसएसपी के रूप में प्रमेंद्र डोबाल के सामने राजधानी में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। हरिद्वार में उनके अनुभव और सख्त कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें देहरादून जैसे संवेदनशील जिले की कमान सौंपी है।
निष्कर्ष:
एसएसपी अजय सिंह की विदाई को भले ही एक प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा हो, लेकिन उन्हें सौंपी गई नई जिम्मेदारी किसी भी लिहाज से कमतर नहीं है। एसटीएफ जैसी अहम इकाई में उनकी वापसी यह संकेत देती है कि सरकार उनके अनुभव और कार्यक्षमता पर भरोसा बरकरार रखे हुए है। वहीं, देहरादून पुलिस के लिए यह बदलाव आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था की दिशा तय करेगा।


