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देहरादून ब्रिगेडियर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक घायल

अब तक 9 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, राजपुर रोड गोलीकांड के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 4 अप्रैल 2026

देहरादून में हुए चर्चित रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गया। इस कार्रवाई के साथ ही इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल के अनुसार, शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि दो आरोपी गुनियाल गांव क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, लेकिन आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी को गोली लगी, जबकि दूसरे को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

घायल आरोपी की पहचान मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी मोहम्मद कवीश के रूप में हुई है, जबकि दूसरे आरोपी की पहचान सहारनपुर के बेहट निवासी शांतनु त्यागी के रूप में हुई है। घायल आरोपी का उपचार अस्पताल में चल रहा है।

गौरतलब है कि 75 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत उस समय हुई थी, जब वह अपने साढू और एक अन्य साथी के साथ सुबह की सैर पर निकले थे। तुलाज ग्रीन सोसाइटी से करीब 200 मीटर दूरी पर मसूरी रोड के पास दो तेज रफ्तार कारों में सवार युवकों के बीच अचानक फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना के बाद पूरे देहरादून में हड़कंप मच गया था। राजपुर रोड पर हुए इस गोलीकांड ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद पुलिस ने शहरभर में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।

पुलिस द्वारा प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में लगातार जांच की जा रही है। सुबह के समय भी पुलिसकर्मी तैनात रहकर मॉर्निंग वॉक करने वालों और राहगीरों से बातचीत कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। पथरीबाग चौक सहित कई स्थानों पर लोगों से पूछताछ कर हालात का जायजा लिया जा रहा है।

इसी के तहत “ऑपरेशन प्रहार” चलाकर पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी है। बृहस्पतिवार रात चलाए गए विशेष अभियान में 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि 900 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चार प्रेमनगर और तीन डालनवाला क्षेत्र से पकड़े गए।

डोईवाला क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 310 ग्राम अवैध चरस और 52 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय थे।

इसके अलावा पुलिस ने सत्यापन अभियान भी तेज किया है। पीजी, हॉस्टल और किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले नौ प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 99 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान कर 24,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी पुलिस सख्त नजर आई। 109 वाहन चालकों के चालान कर 72,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। 163 मामलों में न्यायालय चालान किए गए, जबकि 48 वाहनों को नियम उल्लंघन और चार वाहनों को ओवरलोडिंग के कारण सीज किया गया।

रात्रि चेकिंग अभियान की खास बात यह रही कि इसकी कमान महिला पुलिस अधिकारियों ने संभाली। रायपुर क्षेत्र के चुना भट्टा सपेरा बस्ती सहित कई इलाकों में पुलिस ने लगातार छापेमारी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया।

निष्कर्ष:
देहरादून ब्रिगेडियर हत्याकांड ने जहां कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले में तेजी से खुलासे हो रहे हैं। लगातार गिरफ्तारी और सख्त चेकिंग अभियान से साफ है कि पुलिस इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। हालांकि, शहर में सुरक्षा को लेकर आम जनता के बीच अभी भी चिंता बनी हुई है, जिसे दूर करने के लिए प्रशासन को लगातार सख्ती और सतर्कता बनाए रखनी होगी।

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