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देहरादून में खौफनाक वारदात—बीटेक छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 15 युवकों ने फावड़े और डंडों से किया हमला

देहरादून | 25 मार्च 2026

राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक बीटेक छात्र की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। 15 युवकों के समूह ने छात्र को घेरकर फावड़े, लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी दिव्यांशु जाटराणा के रूप में हुई है, जो देहरादून में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे दिव्यांशु स्कूटी से प्रेमनगर बाजार स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे युवकों के समूह ने उसे घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले दिव्यांशु से बहस की और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर, अंकुर समेत करीब 15 युवकों ने फावड़े और लाठी-डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जान बचाने के लिए दिव्यांशु ने स्कूटी से भागने की कोशिश की, लेकिन एक हमलावर ने उसकी बेल्ट पकड़कर उसे नीचे गिरा दिया।

जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने दिव्यांशु को बेरहमी से पीटना जारी रखा। गंभीर रूप से घायल हालत में उसे मौके पर छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलने पर दिव्यांशु के दोस्तों ने उसे तत्काल प्रेमनगर पीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब चार बजे दिव्यांशु ने दम तोड़ दिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई कारण थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों में कुछ युवक उसी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जहां दिव्यांशु पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों—युवराज कुमार (भोजपुर, बिहार), मधुर खंडेलवाल (ऊधम सिंह नगर) और शिवम शर्मा (दानापुर, पटना)—को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पोस्टमार्टम के बाद दिव्यांशु का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों में भी आक्रोश का माहौल है।

निष्कर्ष:
प्रेमनगर की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि युवाओं के बीच बढ़ती हिंसा और वर्चस्व की मानसिकता को भी उजागर करती है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम और सामाजिक जागरूकता दोनों जरूरी हैं।

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