देहरादून | 26 दिसंबर 2025
राजधानी देहरादून में जमीन का सौदा कराने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का पुलिस ने खुलासा किया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए रायवाला क्षेत्र में जमीन बेचने का झांसा देकर करीब 38 लाख 25 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने करीब छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है।
जून में दर्ज हुई थी शिकायत, अब जाकर हुई गिरफ्तारी
इस मामले में पीड़ित ने 12 जून 2025 को रायवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने बुधवार को आरोपी को देहरादून के आईएसबीटी क्षेत्र के पास से दबोच लिया।
पीड़ित का आरोप: रजिस्ट्री नहीं कराई, रकम हड़प ली
रायवाला थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह खोलिया ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रताप सिंह, निवासी प्रतीतनगर रायवाला, ने आरोप लगाया था कि आरोपी दिनेश सिंह पडियार, निवासी बैंक कॉलोनी अजबपुरकलां (मोथरोवाला), ने उन्हें रायवाला में टिहरी विस्थापितों को आवंटित भूमि बेचने का झांसा दिया। आरोपी ने जमीन की रजिस्ट्री कराए बिना ही 38.25 लाख रुपये अपने पास रख लिए।
फर्जी अनुबंध, आधार और हस्ताक्षरों से रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने जमीन के मूल स्वामियों के फर्जी अनुबंध पत्र, नकली आधार कार्ड और जाली हस्ताक्षर तैयार किए थे। इतना ही नहीं, जमीन के असली मालिकों की जगह फर्जी व्यक्तियों को पेश कर सौदे को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई, ताकि पीड़ित को किसी तरह का संदेह न हो।
नई टिहरी का मूल निवासी, देहरादून से पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार आरोपी दिनेश सिंह पडियार मूल रूप से बौराड़ी, सेक्टर-5बी, थाना नई टिहरी का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने इस तरह की धोखाधड़ी किसी अन्य व्यक्ति के साथ तो नहीं की।
निष्कर्ष
देहरादून में सामने आए इस जमीन घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संपत्ति से जुड़े सौदों में पूरी सतर्कता बेहद जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं आम लोगों के लिए यह मामला चेतावनी है कि किसी भी जमीन खरीद से पहले दस्तावेजों की गहन जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।


