देहरादून, 01 अप्रैल 2026
उड़ीसा के कटक जिला कारागार से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी राजा साहनी को आखिरकार पुलिस ने देहरादून में धर दबोचा। लंबे समय से फरारी काट रहे इस आरोपी पर उड़ीसा पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। देहरादून, टिहरी और उड़ीसा पुलिस की संयुक्त टीम ने इंद्रमणि बडोनी चौक के पास इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय राजा साहनी बिहार के बेगूसराय का निवासी है और वह डकैती व दोहरे हत्याकांड जैसे संगीन अपराधों में जेल में बंद था। 2 अक्तूबर 2025 को वह कटक जिला कारागार से न्यायिक अभिरक्षा के दौरान फरार हो गया था। फरारी के बाद से ही उड़ीसा पुलिस लगातार उसकी तलाश में कई राज्यों में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार चकमा देने में सफल रहा।
प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे उड़ीसा पुलिस को आरोपी की लोकेशन ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट क्षेत्र में मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और उड़ीसा पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी और सर्विलांस के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
करीब ढाई बजे ढालवाला रोड स्थित सुमन पार्क के पास एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में एक महिला समेत चार लोग सवार थे। पीछे की सीट पर बैठे व्यक्ति की पहचान उड़ीसा पुलिस ने राजा साहनी के रूप में की। इसके बाद बिना देर किए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि कार में मौजूद अन्य तीन लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को उड़ीसा पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।
दशहरा के मौके पर रची थी फरारी की साजिश
जांच में सामने आया कि राजा साहनी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर जेल से भागने की सुनियोजित साजिश रची थी। दशहरा के दिन जब जेल कर्मचारी और अन्य कैदी उत्सव में व्यस्त थे, तभी दोनों ने मौका पाकर कोठरी की लोहे की छड़ों को काट दिया। इसके बाद एक कंबल को रस्सी की तरह इस्तेमाल कर जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए।
गौरतलब है कि राजा साहनी और उसके साथी को पहले पाणीकोइली स्थित एक ज्वेलरी शॉप में डकैती और फायरिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते दोनों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था।
निष्कर्ष
करीब छह महीने तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस शातिर अपराधी को कानून के शिकंजे में ला खड़ा किया। यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस के समन्वय और तकनीकी निगरानी की सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपी चाहे जितना भी छिपने की कोशिश करें, कानून के हाथों से बच नहीं सकते। अब आरोपी को उड़ीसा ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


