BREAKING

देहरादून में नर्सिंग बेरोजगारों का आक्रोश: वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर सीएम आवास कूच, पुलिस ने हाथीबड़कला पर रोका

 

देहरादून | दिनांक: 19 जनवरी 2026

उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती को लेकर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। वर्षवार भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को नर्सिंग बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाथीबड़कला क्षेत्र में बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद नर्सिंग बेरोजगार वहीं धरने पर बैठ गए और जोरदार प्रदर्शन किया।


नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन

नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में बहल चौक से विभिन्न जिलों के नर्सिंग बेरोजगार मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। हाथीबड़कला पहुंचते ही पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे नाराज बेरोजगारों ने नारेबाजी करते हुए वहीं धरना शुरू कर दिया।


46 दिनों से जारी है धरना

नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि वे पिछले 46 दिनों से एकता विहार में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। इस दौरान कई बार प्रदर्शन और रैलियों के माध्यम से अपनी मांगें शासन-प्रशासन तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस और सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है।


आज नहीं सुनी गई मांग तो सामूहिक मुंडन की चेतावनी

हाथीबड़कला पर प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजगारों ने चेतावनी दी कि यदि आज ही उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे यहीं सामूहिक मुंडन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह उनका अंतिम शांतिपूर्ण विरोध होगा।


ये हैं नर्सिंग बेरोजगारों की प्रमुख मांगें

नर्सिंग बेरोजगारों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें—

  • वर्तमान नर्सिंग भर्ती विज्ञप्ति को तत्काल निरस्त कर पोर्टल बंद किया जाए
  • भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की तरह वर्षवार लागू किया जाए
  • आइपीएचएस मानकों के अनुरूप 2500 से अधिक पदों पर नई भर्ती विज्ञप्ति जारी की जाए
  • उत्तराखंड के मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए
  • आयु सीमा पार कर चुके योग्य अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट प्रदान की जाए

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल

इस प्रदर्शन में सरिता जोशी, राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, भास्कर, अनिल रमोला, अजीत, पपेंद्र, उपेंद्र, मुकेश रमोला, श्वेता, प्रीति, सुजाता, शिरा, लता सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग बेरोजगार मौजूद रहे।


निष्कर्ष

नर्सिंग भर्ती को लेकर बेरोजगारों का यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। लगातार प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से ठोस जवाब न मिलने से अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *