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देहरादून में पशु प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार, मेयर सौरभ थपलियाल ने एबीसी सेंटर और कांजी हाउस का किया निरीक्षण, डॉग शेल्टर जल्द बनने की घोषणा

देहरादून, 23 फरवरी 2026

 नगर निगम देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने सोमवार को केदारपुर स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर और कांजी हाउस गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, पशुओं की देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।


हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप बनेगा डॉग शेल्टर

मेयर सौरभ थपलियाल ने बताया कि शहर में एक महत्त्वपूर्ण डॉग शेल्टर बनाने के लिए भूमि चिह्नित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित डॉग शेल्टर का निर्माण माननीय हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप किया जाएगा और इसे जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम शहर में बढ़ती आवारा पशु समस्या के समाधान के लिए गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


72 से बढ़ाकर 300 किए जाएंगे डॉग कैनल

निरीक्षण के दौरान मेयर ने बताया कि वर्तमान में डॉग कैनल की संख्या 72 है, जिसे बढ़ाकर 300 करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही अति आक्रामक श्वानों को पकड़कर सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नगर निगम का लक्ष्य है कि आक्रामक कुत्तों को अलग सुरक्षित स्थान पर रखकर उनके व्यवहार पर नियंत्रण और उपचार की उचित व्यवस्था की जाए।


एबीसी सेंटर में रोजाना 20 से 22 सर्जरी

मेयर ने एबीसी सेंटर के ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया और उसकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बताया कि यहां उच्च गुणवत्ता का ऑपरेशन थिएटर स्थापित किया गया है, जहां वर्तमान में प्रतिदिन 20 से 22 नसबंदी सर्जरी की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था माननीय उच्चतम न्यायालय की मंशा के अनुरूप है और देहरादून नगर निगम के लिए एक सराहनीय पहल है। इससे न केवल आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि शहर में पशु-मानव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।


निष्कर्ष

नगर निगम देहरादून द्वारा एबीसी सेंटर के सुदृढ़ीकरण, डॉग कैनल की संख्या बढ़ाने और नए डॉग शेल्टर निर्माण की पहल से शहर में आवारा पशु प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मेयर सौरभ थपलियाल के निरीक्षण के बाद अब इन योजनाओं के जल्द क्रियान्वयन की संभावना और मजबूत हो गई है।

नगर निगम का यह कदम शहर में सुव्यवस्थित, सुरक्षित और संवेदनशील पशु प्रबंधन प्रणाली की ओर एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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