स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 17 मार्च 2026
देहरादून शहर में लगातार बढ़ रहे बंदरों के आतंक से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम देहरादून ने बंदरों को पकड़ने और उनकी नसबंदी कराने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है, जिससे शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण किया जा सके।
चिड़ियापुर टीम को सौंपा गया जिम्मा
नगर निगम ने इस अभियान के तहत चिड़ियापुर की एक विशेष टीम को बंदर पकड़ने का ठेका दिया है। यह टीम शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर बंदरों को पकड़ने का काम करेगी।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, टीम को प्रति बंदर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा, जिससे कार्य में तेजी और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके।
नसबंदी के बाद जंगल में छोड़े जाएंगे बंदर
पकड़े गए बंदरों को चिड़ियापुर ले जाया जाएगा, जहां उनकी नसबंदी की जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वे शहर में वापस आकर लोगों को परेशान न करें।
यह कदम न केवल बंदरों की संख्या नियंत्रित करेगा, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को भी कम करेगा।
नगर निगम की योजना पर क्या बोले अधिकारी
नगर निगम के पशु अनुभाग के प्रभारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल यह टीम निगम के आउटर क्षेत्रों में सक्रिय है और धीरे-धीरे शहर के अन्य हिस्सों में भी अभियान को तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह एक दीर्घकालिक समाधान है, जिससे बंदरों की बढ़ती आबादी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बंदरों को खाना न खिलाएं और सावधानी बरतें, ताकि उनकी संख्या और आक्रामकता को कम किया जा सके।
निष्कर्ष
देहरादून में बंदरों की बढ़ती समस्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। ऐसे में नगर निगम की यह पहल एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। यदि यह अभियान प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो आने वाले समय में शहरवासियों को बंदरों के आतंक से काफी हद तक राहत मिल सकती है।


