देहरादून | 03 मार्च 2026
एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम उजागर होने की खबरों के बीच देहरादून में प्रदेश महिला कांग्रेस ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में शहर में मार्च निकाला।
राजीव भवन से घंटाघर तक निकाला मार्च
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एकत्रित हुईं। यहां से उन्होंने “THE PM IS Compromised” लिखी विशेष पोशाक पहनकर गांधीपार्क, घंटाघर, पल्टन बाजार, तहसील चौक होते हुए पुनः राजीव भवन तक विरोध मार्च निकाला।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मामले को बताया गंभीर और चिंताजनक
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का नाम सामने आने की खबरें अत्यंत गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन फाइलों में किसी भी प्रकार से उनका उल्लेख हुआ है, तो देश की जनता के सामने पूरी सच्चाई आना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख से जुड़ा हुआ है। ऐसे संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
महिला कांग्रेस की प्रमुख मांगें
ज्योति रौतेला ने प्रदेश महिला कांग्रेस की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं—
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पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।
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जांच पूरी होने तक नैतिक आधार पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस्तीफा दें।
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केंद्र सरकार संसद और देश की जनता के सामने इस विषय पर स्पष्ट वक्तव्य दे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी सर्वोपरि होती है और किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
कई पदाधिकारी रहीं मौजूद
विरोध मार्च में महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महासचिव निधि नेगी, सुशीला शर्मा, अनुराधा तिवारी, देवेंद्र कौर, रेखा ढींगरा, भावना, जिलाध्यक्ष टिहरी आशा रावत, शिवानी थपलियाल, उमा पंवार, अनीता सकलानी सहित कई महिला कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहीं।
निष्कर्ष
देहरादून में निकाला गया यह विरोध मार्च राजनीतिक सरगर्मियों को और तेज कर गया है। महिला कांग्रेस ने मामले की पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस विषय पर क्या रुख अपनाती है और आगे की राजनीतिक दिशा क्या रहती है।



