BREAKING

देहरादून में वकीलों का बड़ा ऐलान, डीएम के खिलाफ आंदोलन तेज, राजस्व न्यायालयों का पूर्ण बहिष्कार

जिलाधिकारी के स्थानांतरण तक न्यायिक कार्य ठप रखने का निर्णय, बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 4 अप्रैल 2026

देहरादून में जिलाधिकारी के खिलाफ अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। बार एसोसिएशन देहरादून की आम सभा में वकीलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है कि जब तक जिलाधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक राजस्व न्यायालयों में सभी न्यायिक कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे।

शनिवार को विधि भवन में आयोजित इस आम सभा में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य मुद्दा पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति रहा, जिसका वकीलों ने जोरदार विरोध किया। अधिवक्ताओं ने इसे न केवल अनुचित कार्रवाई बताया, बल्कि इसे पूरे अधिवक्ता समुदाय की गरिमा पर हमला भी माना।

सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी वरिष्ठ और सम्मानित अधिवक्ता के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का यह निर्णय न्यायिक व्यवस्था और वकालत पेशे की स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बार और अधिवक्ता समाज के सम्मान की लड़ाई है। इसी को ध्यान में रखते हुए आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि सभी अधिवक्ता राजस्व न्यायालयों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

इस निर्णय का असर तुरंत देखने को मिला। शनिवार को अधिवक्ताओं ने न्यायालयों और संबंधित कार्यालयों में पूरी तरह कार्य से दूरी बनाए रखी। इसके चलते न्यायिक प्रक्रिया बाधित रही और बस्ते, टाइपिंग कार्य, स्टांप वेंडर समेत अन्य सेवाएं भी पूरी तरह ठप रहीं।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को सुलझाने की मांग की है।

निष्कर्ष:
देहरादून में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव ने गंभीर रूप ले लिया है। यदि जिलाधिकारी के स्थानांतरण को लेकर जल्द समाधान नहीं निकला, तो न्यायिक कार्य लंबे समय तक प्रभावित हो सकते हैं। यह स्थिति आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है, जिससे प्रशासन और वकीलों के बीच संवाद की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *