BREAKING

देहरादून में सड़कों पर सख्ती: तड़के निरीक्षण में खुली पोल, अधूरी रोड कटिंग पर अब सख्त कार्रवाई तय

स्थान: देहरादून | दिनांक: 19 मार्च 2026


देहरादून में विकास कार्यों के नाम पर सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ने वाली एजेंसियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के सचिव पंकज पांडेय और जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार तड़के शहर में औचक निरीक्षण कर लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है।


सुबह 6 बजे शुरू हुआ औचक निरीक्षण

गुरुवार सुबह करीब 6 बजे सचिव पंकज पांडेय और जिलाधिकारी सविन बंसल प्रशासनिक टीम के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचे। इस दौरान रोड कटिंग के बाद हुए पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) कार्यों की जमीनी हकीकत परखी गई।

निरीक्षण के दौरान दिलाराम चौक, हाथीबड़कला, साईं मंदिर, नागल रोड, कैनाल रोड, धोरण, आईटी पार्क, कृषाली चौक, सहस्त्रधारा रोड, कर्जन रोड, धर्मपुर चौक, फुव्वारा चौक, रिस्पना पुल, दून विश्वविद्यालय क्षेत्र, हरिद्वार बाईपास, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, बल्लीवाला, बल्लूपुर, किशननगर और बिंदाल पुल समेत कई स्थानों का दौरा किया गया।


कहीं संतोषजनक काम, तो कहीं मिली भारी लापरवाही

निरीक्षण में अधिकांश स्थानों पर कार्य संतोषजनक पाया गया, लेकिन कई जगहों पर सड़कें अधूरी और असमतल मिलीं। कुछ स्थानों पर निर्माण सामग्री और मलबा सड़कों पर फैला हुआ था, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ था।

इस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसियों को फटकार लगाई।


सीएम के निर्देशों का हवाला, गुणवत्ता पर जोर

सचिव पंकज पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि विकास कार्यों के चलते आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क खोदने के बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ उसका पुनर्स्थापन अनिवार्य रूप से किया जाए।

साथ ही, रोड कटिंग की अनुमति देते समय तय सभी शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।


अब एक साथ सीमित जगहों पर ही होगी खुदाई

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब किसी भी कार्यदायी संस्था को एक समय में केवल 2 से 3 स्थानों पर ही रोड कटिंग की अनुमति दी जाएगी। पहले से स्वीकृत कार्यों को 15 से 21 दिन के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा, तभी नई अनुमति दी जाएगी।

इसके लिए संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र भी लिया गया है, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।


उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई एजेंसी तय समयसीमा, गुणवत्ता मानकों या शर्तों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी कार्यों की निगरानी रोड कटिंग समिति के माध्यम से की जा रही है।


क्यूआरटी को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

शहर में चल रहे रोड कटिंग कार्यों पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को विशेष निर्देश दिए गए हैं। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य के दौरान मलबा समय पर हटे, यातायात बाधित न हो और तय समयसीमा का पालन हो।


निष्कर्ष

देहरादून में सड़कों की बदहाल स्थिति और अधूरे कार्यों को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। तड़के हुए इस औचक निरीक्षण ने साफ संकेत दे दिया है कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। इससे न केवल शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि आम जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *