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देहरादून में साइबर ठगी: गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करना पड़ा भारी, खाते से उड़ गए 1.95 लाख रुपये

देहरादून।

ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच अब सावधानी न बरतने पर बड़ा नुकसान हो सकता है। देहरादून में एक व्यक्ति को महज गूगल पर जेप्टो ऐप का हेल्पलाइन नंबर सर्च करना इतना महंगा पड़ गया कि उसके दो बैंक खातों से 1.95 लाख रुपये की रकम गायब हो गई। मामला अब साइबर थाना और नेहरू कॉलोनी थाने की फाइलों में पहुंच चुका है, जहां जांच शुरू हो गई है।


जेप्टो से ऑर्डर किया, मदद के चक्कर में फंस गए

धर्मपुर निवासी श्रीश कुमार ने बताया कि उन्होंने 28 जून की दोपहर जेप्टो एप से खाद्य सामग्री ऑर्डर की थी।

  • ऑर्डर के आधे घंटे बाद भी सामान नहीं पहुंचा तो उन्होंने गूगल पर जेप्टो का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया।
  • कॉल करने पर उन्हें एक दूसरा नंबर दिया गया, जिस पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया।

50 मिनट की कॉल और चालाकी से खाली कर दिए खाते

जब श्रीश ने उस नंबर पर कॉल किया तो सामने वाले व्यक्ति ने बड़ी ही सफाई से उन्हें लगातार 50 मिनट तक बातों में उलझाए रखा।

  • इस दौरान उसने श्रीश से बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लीं।
  • इसके बाद उनके दो अलग-अलग खातों से कुल 1.95 लाख रुपये निकाल लिए गए।

जब होश आया तो भागे साइबर थाना

धोखाधड़ी का एहसास होने पर श्रीश ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया, जहां से उन्हें देहरादून साइबर थाना भेजा गया।

  • यहां उनसे पूरी जानकारी लेकर एक फॉर्म भरवाया गया और केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

थाना नेहरू कॉलोनी के थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया:

“शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच की जा रही है।”


आम जनता के लिए सबक

यह घटना एक बड़ा सबक है कि:

  • किसी भी ऐप या ब्रांड का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करना खतरनाक हो सकता है।
  • हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप के अंदर दिए गए हेल्पलाइन नंबर का ही उपयोग करें।
  • किसी भी अनजान कॉल पर बैंक, OTP, या व्यक्तिगत जानकारी कभी साझा न करें।

निष्कर्ष:

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में सिर्फ तकनीक नहीं, सतर्कता भी ज़रूरी है।
गूगल पर नजर आने वाला हर नंबर सुरक्षित नहीं होता—साइबर ठग अब सर्च इंजन को भी अपने जाल का हिस्सा बना चुके हैं।

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