BREAKING

देहरादून लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा: बहनोई निकला मास्टरमाइंड, करोड़ों के लालच में साले के घर डलवाई लूट, पांच आरोपी गिरफ्तार

देहरादून | 14 जनवरी 2026

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। पटेलनगर थाना क्षेत्र के वन विहार में हुई घर में घुसकर लूट की वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित का अपना बहनोई निकला। करोड़ों रुपये मिलने के लालच में उसने अपने साले के घर लूट की साजिश रची और मुजफ्फरनगर से पेशेवर बदमाशों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिलवाया।


एसएसपी अजय सिंह ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित शराफत अली ने सहारनपुर स्थित अपनी जमीन का करोड़ों रुपये में सौदा किया था। यह जानकारी उसके रिश्तेदार बुशरान राणा को मिल गई थी। बुशरान को यह भी भनक लगी कि सौदे के तहत शराफत को बयाने के रूप में 1 करोड़ 80 लाख रुपये मिले हैं। इसी रकम को लूटने के इरादे से उसने साजिश रची।


योजना के तहत बुशरान ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से अपने चार पेशेवर साथियों को देहरादून बुलाया। 8 जनवरी की रात गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से शराफत के घर में धावा बोला। बदमाशों ने घर में मौजूद महिलाओं को हथियारों के बल पर बंधक बनाया, उनके साथ मारपीट की और लूटपाट कर फरार हो गए।


हालांकि, बदमाशों की उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब पता चला कि जमीन का सौदा अंतिम समय में रद्द हो चुका था। इस कारण शराफत के पास बयाने की रकम मौजूद नहीं थी। नतीजतन आरोपियों को घर से केवल करीब एक लाख रुपये नकद और कुछ गहने ही हाथ लगे।


घटना के बाद पुलिस को शुरू से ही आशंका थी कि लूट में किसी करीबी का हाथ हो सकता है। जांच के लिए कोतवाली पटेलनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमें गठित की गईं। आरोपियों के फरार होने के मार्ग पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर तेलपुर चौक के पास घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुशरान राणा और आसिफ उर्फ बबलू (खतौली), इरफान और वासिफ (कजियान निवासी) तथा राजकुमार उर्फ अनिल (बुढ़ाना निवासी) के रूप में हुई है। सभी आरोपी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 91 हजार 950 रुपये, दो तमंचे, चार कारतूस, दो चाकू और घर में घुसने में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि महिलाओं से लूटे गए गहनों की बरामदगी के लिए आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।


फेरी की आड़ में की गई रेकी

पूछताछ में बुशरान ने कबूल किया कि वह शराफत की सगी बुआ का दामाद है और कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। इसी बहाने वह अक्सर शराफत के घर आता-जाता था। उसने न सिर्फ घर की रेकी की, बल्कि अपने साथियों को घर की स्थिति और भागने के रास्ते भी समझाए। वारदात के वक्त वह खुद मौके से दूर रहा।


निष्कर्ष:
देहरादून लूटकांड ने यह साफ कर दिया है कि अपराध के पीछे कई बार सबसे करीबी रिश्ते ही साजिशकर्ता बन जाते हैं। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते बड़ी वारदात का खुलासा हो सका, लेकिन यह घटना समाज में बढ़ते लालच और टूटते रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *