देहरादून | 17 फरवरी 2026
देहरादून के बहुचर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला किसी जासूसी फिल्म की पटकथा जैसा प्रतीत हो रहा है। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के लिए शूटरों ने बेहद शातिर योजना बनाई, जिसमें अलग-अलग राज्यों और साधनों का इस्तेमाल कर उत्तराखंड पहुंचा गया।
अलग-अलग साधनों से उत्तराखंड पहुंचे शूटर
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या को अंजाम देने वाले तीन शूटर—आकाश, आशुतोष और विशाल—अलग-अलग माध्यमों से हरिद्वार पहुंचे थे। एक आरोपी फ्लाइट से, दूसरा ट्रेन से और तीसरा सड़क मार्ग से उत्तराखंड आया। हरिद्वार में तीनों एकत्र हुए और फिर देहरादून पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया।
वारदात के बाद भी बदली रणनीति
हत्या के बाद तीनों आरोपी घटनास्थल से एक साथ फरार हुए, लेकिन हरिद्वार पहुंचते ही उन्होंने फिर से अपनी रणनीति बदल ली। ट्रेन से आया आरोपी उसी माध्यम से वापस लौट गया, जबकि बाकी दो शूटर अलग-अलग साधनों से फरार हो गए। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे ऑपरेशन में कई अन्य लोग भी शामिल थे, जिन्होंने परिवहन और ठहरने की व्यवस्था में मदद की।
चार दिन बाद भी पुलिस के सामने चुनौती
हत्या की सुपारी बेहद शातिर अपराधियों को दी गई थी। मास्टरमाइंड ने इतनी सटीक योजना बनाई कि चार दिन बीत जाने के बाद भी दून पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है।
पत्नी का आरोप, भाई संदेह के घेरे में
इस हत्याकांड में नया मोड़ तब आया, जब विक्रम शर्मा की पत्नी ने उसके छोटे भाई अरविंद शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। पत्नी का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन को लेकर पुराने विवाद चल रहे थे। पुलिस ने अरविंद शर्मा से भी पूछताछ की है और इस एंगल से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
झारखंड में दबिश, करीबियों पर शिकंजा
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड पुलिस की टीमें झारखंड में लगातार दबिश दे रही हैं। शूटरों के करीबी और संभावित मददगार भी पुलिस के रडार पर हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पुलिस जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करेगी।
ये है पूरा मामला
बीते 13 फरवरी की सुबह देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विक्रम पर झारखंड में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। काशीपुर में उसका स्टोन क्रशर था और वह प्रॉपर्टी कारोबार में भी सक्रिय था।
विक्रम रोज की तरह सिल्वर सिटी मॉल स्थित एनी टाइम फिटनेस जिम में व्यायाम करने गया था। करीब सुबह 10:10 बजे, जिम से बाहर निकलते समय सीढ़ियों पर घात लगाए दो हमलावरों ने बेहद नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
निष्कर्ष
विक्रम शर्मा हत्याकांड केवल एक गैंगवार नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध की ऐसी मिसाल बन गया है, जिसने पुलिस की जांच को भी जटिल बना दिया है। अलग-अलग राज्यों से आए शूटर, बदलते रास्ते और अंदरूनी साजिश की आशंका इस मामले को और भी गंभीर बना रही है। अब सभी की नजरें पुलिस के अगले खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।


