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धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को हरी झंडी, ऊर्जा और विकास को मिलेगी नई दिशा

देहरादून | 28 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य के भविष्य से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अजीत पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करुणा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। इसके बाद कैबिनेट बैठक में कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई।


ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट का सबसे बड़ा निर्णय उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी देना रहा। इस नीति के तहत राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना, कार्बन उत्सर्जन कम करना और निवेश के नए अवसर पैदा करना है। नीति के अंतर्गत दी जाने वाली सब्सिडी पर अंतिम फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा लिया जाएगा।


कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले


स्वास्थ्य विभाग:
पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आपसी सहमति के आधार पर अपने ही जनपद में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। इससे कर्मचारियों की कार्य संतुष्टि और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।


राजस्व विभाग:
भूमि अधिग्रहण के अलावा अब आपसी समझौते के आधार पर सीधे भू-स्वामियों से भूमि खरीदी जा सकेगी। इससे परियोजनाओं को समय पर जमीन मिलने और भू-स्वामियों को शीघ्र मुआवजा मिलने का रास्ता साफ होगा।


सिडकुल एवं पराग फार्म भूमि:
पराग फार्म की जो भूमि सिडकुल को दी गई है, उसे किसी अन्य को बेचने या पट्टे पर देने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सिडकुल सब-लीज कर सकेगी, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।


जनजाति कल्याण विभाग:
देहरादून और उधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।


जल मूल्य प्रभार:
राज्य में गैर-कृषि उपयोग को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटियों पर जल मूल्य प्रभार लगाया जाएगा। इसके साथ ही भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर भी शुल्क देना होगा।


उच्च शिक्षा:
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत जीआरडी को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इस संबंध में अध्यादेश आगामी बजट सत्र में विधानसभा में लाया जाएगा।


हवाई पट्टी संचालन:
चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति बनी है। इनका संचालन नागरिक और रक्षा उपयोग के लिए संयुक्त रूप से किया जाएगा।


निष्कर्ष:
धामी कैबिनेट के ये फैसले उत्तराखंड को हरित ऊर्जा, औद्योगिक विकास, प्रशासनिक सुधार और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। खासकर ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में निर्णायक साबित हो सकती है।

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