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नारी निकेतन आत्महत्या प्रकरण के बाद बड़ा फैसला: सभी संस्थानों में मनोचिकित्सकों की होगी नियुक्ति, मंत्री रेखा आर्य का सख्त रुख

देहरादून | दिनांक: 30 मार्च 2026

 

देहरादून के केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या के बाद प्रदेशभर में महिला संरक्षण गृहों की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार हरकत में आ गई है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति करने की घोषणा की है।


क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 28 मार्च 2026 को केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन में एक 35 वर्षीय महिला संवासिनी ने कथित रूप से सीढ़ियों की रेलिंग से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी और पिछले करीब 6 महीनों से नारी निकेतन में रह रही थी। बताया गया कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार भी ले रही थी।


देर रात तक सब सामान्य, तड़के मिली लाश

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 27 मार्च की रात करीब 11 बजे तक महिला को कर्मचारी ने उसके बिस्तर पर सोते हुए देखा था। लेकिन रात करीब 3 बजे वह सीढ़ियों की रेलिंग से लटकी हुई मृत अवस्था में पाई गई। इस घटना के बाद नारी निकेतन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


महिला आयोग और मंत्री का त्वरित एक्शन

घटना सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल 28 मार्च को ही मौके पर पहुंचीं और मामले की जानकारी लेकर जिलाधिकारी को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए

इसके बाद सोमवार, 30 मार्च 2026 को मंत्री रेखा आर्य स्वयं नारी निकेतन पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया।


घटनास्थल का निरीक्षण, कर्मचारियों से पूछताछ

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने:

  • घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया
  • नारी निकेतन की अधीक्षिका, स्टाफ और चौकीदार से पूछताछ की
  • सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की समीक्षा की

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परिसर के हर हिस्से को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाए, उनकी लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए।


पुलिस जांच में तेजी लाने के निर्देश

मंत्री रेखा आर्य ने मौके पर ही एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल से फोन पर बात कर जांच की प्रगति की जानकारी ली और मामले को तेजी से निष्पादित करने के निर्देश दिए।

साथ ही विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देशित किया गया कि नारी निकेतनों में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि संवासिनियों को बेहतर इलाज मिल सके।


मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव

मंत्री ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं की देखभाल के लिए प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसे जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।


मंत्री का बयान

मंत्री रेखा आर्य ने कहा:
“भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”


निष्कर्ष

नारी निकेतन में हुई इस दर्दनाक घटना ने संस्थागत सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की खामियों को उजागर कर दिया है। सरकार द्वारा उठाए गए कदम राहत देने वाले जरूर हैं, लेकिन असली परीक्षा इन फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या ये सुधारात्मक कदम वास्तव में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोक पाते हैं या नहीं।


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