देहरादून | 8 जनवरी 2026
राजधानी देहरादून के करनपुर क्षेत्र में नौकरी से हटाए जाने की नाराजगी ने खौफनाक रूप ले लिया। गुस्से में बौखलाए एक युवक ने देर रात ‘माहेश्वरी बेकर्स’ में आग लगा दी, जिससे बेकरी में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
नौकरी से निकाले जाने के बाद दी थी धमकी
डालनवाला कोतवाली पुलिस के अनुसार, करनपुर चौक के पास स्थित माहेश्वरी बेकर्स के मालिक शुभम माहेश्वरी ने 2 जनवरी को भगत सिंह कॉलोनी निवासी अभिषेक कुमार को सफाई कर्मचारी के रूप में रखा था।
हालांकि, युवक का व्यवहार ठीक न पाए जाने पर दो दिन बाद ही उसे काम से हटा दिया गया। इस फैसले से नाराज अभिषेक ने बेकरी मालिक को धमकी दी थी कि उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
रात के अंधेरे में रची साजिश
4 जनवरी की रात करीब एक बजे, जब बेकरी बंद हो चुकी थी और मालिक घर जा चुके थे, तभी आरोपी वहां पहुंचा। कारखाने के भीतर मौजूद दिव्यांग कर्मचारी विकास गुसाईं के साथ उसने बेरहमी से मारपीट की और फिर बेकरी के शटर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
लाखों का नुकसान, पड़ोसी का घर भी चपेट में
आग इतनी तेजी से फैली कि बेकरी में रखा फर्नीचर, छह एसी, फ्रिज, तैयार और कच्चा माल कुछ ही देर में जलकर राख हो गया। आग की लपटें बगल में स्थित राहुल गुप्ता के मकान तक पहुंच गईं, जिससे पड़ोसी को भी नुकसान उठाना पड़ा।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
पूरी आगजनी और मारपीट की घटना दुकान और कारखाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी अभिषेक कुमार की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दमकल विभाग ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बेकरी को भारी नुकसान हो चुका था।
पुलिस की कार्रवाई
डालनवाला कोतवाली के इंस्पेक्टर संतोष कुंवर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
निष्कर्ष
करनपुर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नौकरी से जुड़ा गुस्सा जब हिंसा में बदलता है, तो उसका खामियाजा कई निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है। समय रहते आरोपी की गिरफ्तारी से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक तनाव से उपजती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


