यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल) | 7 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास के बाद शनिवार को अपने पैतृक गांव पंचूर, यमकेश्वर से विदाई ली। गांव से रवाना होने से पहले उन्होंने ग्रामीणों, बच्चों और युवाओं से आत्मीय मुलाकात की और पारिवारिक माहौल में समय बिताया।
गांव की पगडंडियों पर लोगों के बीच पहुंचे योगी
रविवार सुबह योगी आदित्यनाथ गांव की पगडंडियों पर निकले और घर-घर जाकर लोगों की कुशलक्षेम जानी। ग्रामीणों से सहज बातचीत करते हुए उन्होंने गांव की समस्याओं और हालचाल के बारे में जानकारी ली। स्कूल जाते बच्चों को उन्होंने स्नेहपूर्वक दुलारा और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
मां सावित्री देवी का लिया आशीर्वाद
पैतृक निवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी माता सावित्री देवी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पारिवारिक माहौल में उन्होंने स्वजनों के साथ समय बिताया। गांव में उनके आगमन से उत्साह का माहौल बना रहा और लोग उनसे मिलने पहुंचते रहे।
पारंपरिक भोजन का लिया आनंद
योगी आदित्यनाथ ने दोपहर के भोजन में उत्तराखंड की पारंपरिक थाली का स्वाद लिया। खास तौर पर उन्होंने पहाड़ में लोकप्रिय कंडाली के साग का आनंद लिया, जिसे ग्रामीण संस्कृति से जुड़ा अहम व्यंजन माना जाता है।
पहले दिन लोकार्पण कार्यक्रम में हुए शामिल
इससे पहले शुक्रवार को यमकेश्वर पहुंचने पर उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ जनता इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया था। यह कार्यक्रम क्षेत्र की शैक्षिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है।
भावनात्मक जुड़ाव के साथ प्रस्थान
गांव में एक रात ठहरने के बाद शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे योगी आदित्यनाथ पंचूर से रवाना हुए। उनके प्रस्थान के समय ग्रामीणों ने उन्हें विदाई दी और दोबारा आने की कामना की।
निष्कर्ष
पैतृक गांव पंचूर में बिताए गए ये दो दिन योगी आदित्यनाथ के लिए भावनात्मक और आत्मीय रहे। मां का आशीर्वाद, ग्रामीणों से सीधा संवाद और पहाड़ी संस्कृति से जुड़ा भोजन—इन सभी पलों ने यह दिखाया कि सत्ता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपने मूल और संस्कारों से जुड़ाव बना रहता है।


