देहरादून | 29 मार्च 2026
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्र दिव्यांशु जाटराना की मौत के मामले में दून पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए फरार आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे सात अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
23 मार्च की रात हुआ था खूनी विवाद
घटना 23 मार्च 2026 की रात की है, जब प्रेमनगर के केहरी गांव में छात्रों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें बीटेक छात्र दिव्यांशु जाटराना गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद घायल दिव्यांशु को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया।
पहले 4 आरोपी गिरफ्तार, 7 अब भी फरार
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर सात अन्य आरोपियों की पहचान हुई, जो घटना के बाद से लगातार फरार हैं।
इन आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने फरार सातों आरोपियों—ऋतिक राज, शांतनु कुमार, उज्जवल सिंह, अंकुर, आदित्य राज, विनीत राज और प्रहलाद राज—पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं और घटना के समय प्रेमनगर क्षेत्र में रह रहे थे।
गैर-जमानती वारंट जारी, कई टीमों की दबिश
आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (NBW) भी प्राप्त कर लिए हैं। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, जिसमें राज्य के बाहर भी छापेमारी की जा रही है।
जनता से सहयोग की अपील
दून पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी इन आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
निष्कर्ष
प्रेमनगर का यह मामला कानून-व्यवस्था और छात्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रकरण बन चुका है। पुलिस द्वारा इनामी घोषणा और लगातार दबिश से साफ है कि आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि फरार आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।


