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फरवरी की बर्फीली शुरुआत: चकराता की ऊंचाइयों पर सीजन की तीसरी बर्फबारी, सैलानियों में उत्साह

चकराता (देहरादून) | रविवार | 1 फरवरी 2026

उत्तराखंड में फरवरी महीने की शुरुआत ठंड और बर्फबारी के साथ हुई है। मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी एक बार फिर सही साबित हुई और रविवार सुबह चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की लेकिन मनमोहक बर्फबारी दर्ज की गई। इस सीजन की तीसरी बर्फबारी से पहाड़ों पर सफेद चादर बिछ गई है।


लोखंडी, कोटी कानासर, देवबन, मोहिला टॉप सहित जौनसार-बावर की ऊंची चोटियों पर सुबह-सुबह बर्फ के फाहे गिरने लगे। कुछ ही देर में पूरा इलाका बर्फ से ढक गया, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का असर बढ़ गया।


बर्फबारी के दौरान निचले इलाकों में आसमान दिनभर बादलों से घिरा रहा। कई जगहों पर हल्की बारिश भी होती रही, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। हालांकि बारिश और बर्फबारी के इस मेल ने पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए।


23 जनवरी के बाद फिर लौटी सर्दी की रौनक

स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले 23 जनवरी को क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी। इसके बाद बीते मंगलवार और अब रविवार को हुई हल्की बर्फबारी ने सर्दी के मौसम को फिर से जीवंत कर दिया है।


पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार

लगातार हो रही बर्फबारी से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में खासा उत्साह है। होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि बर्फ देखने के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे शीतकालीन पर्यटन को नया संबल मिलेगा।


किसानों और बागवानों के चेहरे खिले

बर्फबारी से किसान, बागवान और काश्तकार भी खुश नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि बर्फ की यह परत जमीन में नमी बनाए रखेगी और रबी फसलों के साथ-साथ बागवानी के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी।


मौसम विभाग की सटीक चेतावनी

मौसम विभाग की समय पर जारी चेतावनी और सटीक पूर्वानुमान ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बना रह सकता है।


निष्कर्ष:
फरवरी की शुरुआत चकराता में बर्फबारी के साथ होना न सिर्फ प्रकृति की खूबसूरती को दर्शाता है, बल्कि पर्यटन और कृषि दोनों के लिए शुभ संकेत है। मौसम का यह बदला मिजाज जहां सैलानियों को आकर्षित कर रहा है, वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देने की उम्मीद जगा रहा है।

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