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मछली बाजार हत्याकांड पर महिला आयोग सख्त: स्वतः संज्ञान लेकर SSP को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल बोलीं—देवभूमि में महिलाओं के खिलाफ नृशंस अपराध अस्वीकार्य


देहरादून | 02 फरवरी 2026

देहरादून के मछली बाजार क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती की सरेआम गला रेतकर की गई निर्मम हत्या के मामले को उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर घटना का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


पूर्व शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर रोष

आयोग अध्यक्ष ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि मृतका ने पूर्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते उस शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई होती, तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कथित लापरवाही और संवेदनहीनता को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब किया जाएगा और जवाबदेही तय होगी।


शोकाकुल परिवार से मिलीं आयोग अध्यक्ष

घटना की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल स्वयं मृतका के घर पहुंचीं और शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य महिला आयोग और सरकार परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की स्वयं मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिले।


देवभूमि में नृशंस अपराध बर्दाश्त नहीं

कुसुम कंडवाल ने दो टूक कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में महिलाओं के विरुद्ध इस तरह के नृशंस अपराध किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने वाले चौकी स्तर के पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।


तेज जांच और कड़ी सजा के निर्देश

आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मामले की जांच त्वरित गति से पूरी कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि महिला या किसी पीड़िता द्वारा दी गई हर शिकायत को पुलिस को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से लेना होगा, क्योंकि शिकायतों पर ढिलाई से ही अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं।


व्यस्त क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के आदेश

महिला सुरक्षा को लेकर आयोग ने शहर के व्यस्ततम इलाकों में पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और सतर्कता लानी होगी।


डीजीपी से होगी बैठक

कुसुम कंडवाल ने जानकारी दी कि ऐसे संवेदनशील मामलों को लेकर वे शीघ्र ही पुलिस महानिदेशक (DGP) के साथ बैठक करेंगी, ताकि देवभूमि की शांति और गरिमा को प्रभावित करने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


निष्कर्ष

मछली बाजार हत्याकांड ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य महिला आयोग का सख्त रुख और उच्चस्तरीय निगरानी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद जगा रही है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच और कार्रवाई कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है।

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