देहरादून | 24 दिसंबर 2025
उत्तराखंड में मतदाता सूची के प्री-एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के दौरान कई नागरिकों को वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम नहीं मिल रहा है। कहीं नाम गलत दर्ज है, तो कहीं पता बदला हुआ है। ऐसे मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, तय प्रक्रिया पूरी करने पर नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
घर-घर पहुंच रहे बीएलओ
पुराने रिकॉर्ड से हो रही है मैपिंग
प्रदेशभर में इस समय बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मौजूदा मतदाता सूची में दर्ज नामों का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से कर रहे हैं। इस प्रक्रिया को प्री-एसआईआर कहा जा रहा है। कई मामलों में यह सामने आया है कि लोगों का नाम वर्ष 2003 की सूची में दर्ज नहीं है या फिर उसमें त्रुटि है।
माता-पिता के नाम से भी हो सकता है पंजीकरण
प्रोजनी वोटर के रूप में मिलेगा मौका
यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं है, तो वह अपने माता-पिता या दादा-दादी के नाम के आधार पर ‘प्रोजनी (संतान) वोटर’ के रूप में दर्ज हो सकता है।
अगर उनके नाम भी सूची में नहीं हैं, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों के लिए एसआईआर के दौरान अलग व्यवस्था की गई है।
एसआईआर के दौरान मिलेगा गणना प्रपत्र
इसे भरना अनिवार्य
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के समय सभी संभावित मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिया जाएगा।
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प्रपत्र को पूरी तरह भरकर जमा करना अनिवार्य होगा।
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जो मतदाता प्रपत्र जमा नहीं करेगा, उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
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अधूरा प्रपत्र देने वालों को अनंतिम मतदाता सूची जारी होने पर नोटिस भेजा जाएगा।
नोटिस मिलने पर दिखाने होंगे दस्तावेज
एआरओ करेंगे सत्यापन
नोटिस के जवाब में आवेदक को अपनी पहचान और नागरिकता से संबंधित दस्तावेज सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।
दस्तावेजों की जांच और पुष्टि के बाद एआरओ नाम को मतदाता सूची में शामिल कर देंगे।
अब तक 52 लाख मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग
तेज़ी से चल रहा अभियान
प्री-एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ प्रतिदिन औसतन 30 मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। अब तक प्रदेश में 52 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के लिए मान्य 11 दस्तावेज
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए निम्न में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है:
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पासपोर्ट
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भारत सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र
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पेंशनर्स पेमेंट ऑर्डर
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जन्म प्रमाण पत्र
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शैक्षिक प्रमाण-पत्र
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स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
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वनाधिकार प्रमाण-पत्र
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जाति प्रमाण-पत्र
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नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC)
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परिवार रजिस्टर
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भूमि या भवन संबंधी प्रमाण-पत्र
निर्वाचन विभाग का भरोसा
हर पात्र नागरिक का जुड़ेगा नाम
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने कहा कि जो भी व्यक्ति भारत का नागरिक है और उसके पास संबंधित दस्तावेज हैं, उसे किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने पर सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
निष्कर्ष
मतदान अधिकार से वंचित नहीं रहेगा कोई पात्र नागरिक
निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। यदि आपका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, तो भी निर्धारित दस्तावेजों और प्रक्रिया के जरिए आसानी से वोटर लिस्ट में नाम जुड़ सकता है। जरूरी है कि बीएलओ से संपर्क करें और एसआईआर के दौरान सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करें।


