महिला सशक्तिकरण
देहरादून | 19 दिसंबर 2025
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने की दिशा में मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का देहरादून में सफल समापन हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास निदेशालय, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला 18 और 19 दिसंबर 2025 को होटल एन.जे. पोर्टिको, रिस्पना के निकट आयोजित की गई।
राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से हुआ आयोजन
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान, लखनऊ द्वारा राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें NIMHANS एवं C-DAC का तकनीकी सहयोग रहा। कार्यशाला का उद्देश्य महिला सुरक्षा से जुड़े कार्मिकों की दक्षता बढ़ाना और सेवा गुणवत्ता को और सुदृढ़ करना रहा।
13 जनपदों से 50 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में उत्तराखंड के 13 जनपदों से राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन–181, वन स्टॉप सेंटर और संकल्प–हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमन से जुड़े कुल 50 प्रतिनिधियों और कार्मिकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मनो-सामाजिक परामर्श, प्रभावी संवाद कौशल, चुनौतीपूर्ण कॉल से निपटने की तकनीक, नैतिक कॉल प्रबंधन, आत्म-देखभाल और बर्नआउट रोकथाम जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक और सैद्धांतिक जानकारी दी गई।
मिशन शक्ति की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर राज्य नोडल अधिकारी आरती बलोदी ने प्रतिभागियों और विषय विशेषज्ञों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के माध्यम से सरकार महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए एक संगठित ढांचा तैयार कर रही है, जिसमें फील्ड पर कार्यरत कार्मिक सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं।
समन्वय और संवेदनशीलता से कार्य करने का आह्वान
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा ने कहा कि राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमन से जुड़े कार्मिकों को आपसी समन्वय को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा का कार्य है, जिसमें संवेदनशीलता और तत्परता सबसे महत्वपूर्ण है।
मैदानी व्यवस्थाओं का कराया गया शैक्षिक भ्रमण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर देहरादून में संचालित WHL-181, CHL-1098, नारी निकेतन, वन स्टॉप सेंटर तथा आंगनबाड़ी सह क्रेच (पालना) केंद्रों का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इससे प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली की व्यवहारिक समझ प्राप्त हुई।
महिला सुरक्षा तंत्र सशक्त हो रहा है: कुसुम कण्डवाल
समापन अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में महिला सुरक्षा तंत्र निरंतर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत कार्यरत वर्कर्स पीड़ित महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की सबसे अहम कड़ी हैं।
ग्राम स्तर तक सेवाओं के प्रचार पर दिया जोर
अध्यक्ष कण्डवाल ने वन स्टॉप सेंटर की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इन सेवाओं का प्रचार-प्रसार ग्राम स्तर तक किया जाना आवश्यक है, ताकि हर जरूरतमंद महिला तक समय पर सहायता पहुंच सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित महिला सशक्तिकरण योजनाओं की भी प्रशंसा की।
प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यशाला के समापन पर निदेशक बी.एल. राणा ने मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए। अंत में राज्य नोडल अधिकारी आरती बलोदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति के रिसर्च एवं ट्रेनिंग विशेषज्ञ संजय प्रकाश द्वारा किया गया।
निष्कर्ष
मिशन शक्ति के तहत आयोजित यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों की क्षमता वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। इससे न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि प्रदेश में महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।




