देहरादून, 27 जनवरी 2026
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हुए एक वर्ष पूरा होने के साथ ही राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने यूसीसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और इसे सनातन धर्म के खिलाफ उठाया गया कदम करार दिया।
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा यूसीसी को अपनी बड़ी उपलब्धि बताकर प्रचारित कर रही है, लेकिन इससे जमीनी सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी का स्वरूप सनातन परंपराओं और सामाजिक ढांचे के विपरीत है। चाहे सरकार इसकी कितनी भी प्रशंसा कर ले, इससे जनता के असली मुद्दे पीछे नहीं छिपाए जा सकते।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा के पास प्रदेश की जनता से बात करने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। यही वजह है कि सरकार यूसीसी को ही अपनी सबसे बड़ी सफलता के रूप में पेश कर रही है।
उन्होंने राज्य में बढ़ते पलायन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि इन गंभीर समस्याओं पर सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को भी उन्होंने सरकार की विफलता बताया।
हरीश रावत ने कहा कि जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को उछाला जा रहा है, जबकि राज्य को विकास, रोजगार और सुरक्षा जैसे विषयों पर गंभीर निर्णयों की जरूरत है।
निष्कर्ष:
यूसीसी के एक वर्ष पूरे होने पर जहां भाजपा इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक और सामाजिक ढांचे पर असर डालने वाला कदम बता रहा है। आने वाले समय में यूसीसी को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, जिससे उत्तराखंड की राजनीति में यह मुद्दा केंद्र में बना रहेगा।


