देहरादून | 31 जनवरी 2026
उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जहां सियासी कटाक्षों के बीच खेती, परंपरा और आत्मीयता की खुशबू फैलती नजर आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने उसी खेत में उगी धान की फसल से तैयार चावल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास पहुंचे, जहां कभी उनके हल चलाने पर राजनीतिक तंज कसा गया था।
कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने अपने खेत में खुद हल चलाकर धान की रोपाई की थी। उस समय इस कदम को लेकर सियासत भी गरमाई थी और पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस पर चुटकी ली थी। अब उसी खेत की उपज से तैयार चावल लेकर सीएम धामी का पूर्व मुख्यमंत्री के घर पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर हुई मुलाकात
शुक्रवार को मुख्यमंत्री धामी देहरादून की डिफेंस कॉलोनी स्थित पूर्व सीएम हरीश रावत के आवास पहुंचे और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने अपने खेत में उत्पादित धान से बने चावल उन्हें भेंट किए। यह मुलाकात औपचारिकता से आगे बढ़कर एक सौहार्दपूर्ण संदेश देती नजर आई।
सीएम धामी ने कहा कि यह भेंट केवल चावल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य की खेती और किसान हमारी संस्कृति की आत्मा हैं और उन्हें सशक्त करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
सियासी तंज से संवाद तक
जहां एक समय खेत में हल चलाने को लेकर राजनीतिक कटाक्ष हुआ था, वहीं अब उसी खेत की फसल ने राजनीति में संवाद और संवेदना का नया रंग भर दिया। चावल की यह भेंट सियासत से ऊपर उठकर आपसी सम्मान और सकारात्मक संदेश का संकेत मानी जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड की राजनीति में यह घटनाक्रम दिखाता है कि मतभेदों के बीच भी परंपरा, किसान और मिट्टी से जुड़ाव साझा हो सकता है। सीएम धामी द्वारा अपने खेत की उपज भेंट करना न केवल प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राजनीति के साथ-साथ खेती और किसान भी प्रदेश की प्राथमिकता हैं।


