देहरादून | दिनांक: 30 मार्च 2026
देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। मामूली विवाद के दौरान चली गोली का शिकार एक निर्दोष व्यक्ति बन गया। मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई, जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
ओवरटेक को लेकर विवाद, फिर चली गोली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 की सुबह करीब 7 बजे राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव (मालसी रोड) पर दो कार सवार युवकों के बीच वाहन ओवरटेक करने को लेकर विवाद हो गया।
देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और मामला इतना गंभीर हो गया कि एक युवक ने फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली कार के टायर को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन वह भटककर पास से गुजर रहे एक व्यक्ति को जा लगी।
मॉर्निंग वॉक के दौरान बने हादसे का शिकार
दुर्भाग्यवश, उस समय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी पास में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। गोली सीधे उन्हें जा लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में तोड़ा दम
घायल ब्रिगेडियर को तत्काल मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोट के चलते उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस ने घेरा इलाका, आरोपियों की तलाश तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई थी।
पुलिस ने:
- घटना में शामिल वाहनों की पहचान शुरू कर दी है
- कई थाना क्षेत्रों में नाकेबंदी कर दी गई है
- ग्रामीण इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने जताया शोक, दिए सख्त निर्देश
घटना के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मैक्स अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि:
- मालसी-जोहड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
- आवश्यक स्थानों पर पिकेट तैनात किए जाएं
ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
एक मामूली सड़क विवाद का इस तरह घातक रूप लेना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक संयम पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस घटना में एक निर्दोष व्यक्ति की जान जाना बेहद दुखद है। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सड़क पर बढ़ते आक्रोश और हथियारों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण की, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


