डोईवाला, देहरादून | 17 नवंबर
वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब टोल प्लाजा पर फास्टैग न होने या उसके खराब होने की स्थिति में दोगुना शुल्क देने का झंझट खत्म हो गया है। केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 16 नवंबर से नई सुविधा लागू कर दी है। इसके तहत चालक ऑनलाइन पेमेंट कर निर्धारित टोल राशि से मात्र 25% अधिक शुल्क देकर अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे।
फास्टैग की दिक्कत पर मिल सकेगी आसान राहत
अक्सर देखा गया है कि कई वाहनों में लगा फास्टैग सही से स्कैन नहीं हो पाता, जिससे यात्रियों को अनिच्छा के बावजूद नकद भुगतान करना पड़ता था। नकद भुगतान की स्थिति में नियमों के अनुसार दोगुना शुल्क देना अनिवार्य था।
अब इस परेशानी को देखते हुए सरकार ने यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों (जैसे गूगल पे, फोन पे आदि) के जरिए भुगतान का विकल्प उपलब्ध दिया है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त भार से छुटकारा मिलेगा।
लच्छीवाला टोल प्लाजा पर नई प्रणाली लागू
लच्छीवाला टोल प्लाजा प्रबंधन ने इस प्रक्रिया को अपनाते हुए इसे रात 12 बजे के बाद से सुचारू रूप से शुरू कर दिया है।
प्लाजा के मैनेजर ईश्वर पांडे ने बताया कि—
“राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार यात्रियों को ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिससे दोगुना शुल्क से बचा जा सकेगा और टोल लेन में जाम भी कम होगा।”
अब इस दर से देना होगा टोल
ऑनलाइन पेमेंट में टैक्स का 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल
| वाहन श्रेणी | फास्टैग शुल्क | ऑनलाइन शुल्क | नकद शुल्क |
|---|---|---|---|
| कार/जीप/वैन/LMV | ₹105 | ₹131.25 | ₹210 |
| हल्का वाणिज्यिक/मालवाहक वाहन | ₹170 | ₹212.50 | ₹340 |
| बस/ट्रक | ₹355 | ₹443.75 | ₹710 |
| तीन एक्सल वाणिज्यिक वाहन | ₹385 | ₹481.25 | ₹770 |
| HCM/EME/MAV (4–6 पहिया) | ₹555 | ₹693.75 | ₹1110 |
| बड़े आकार (>7 एक्सल) | ₹675 | ₹843.75 | ₹1350 |
क्यों जरूरी था यह कदम?
- फास्टैग न चलने पर अनावश्यक दोगुना शुल्क
- टोल प्लाजा पर लंबी कतारें और जाम
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
- ड्राइवरों को त्वरित सुविधा
निष्कर्ष
सरकार की इस नई व्यवस्था से यात्रियों को वित्तीय राहत मिलेगी और टोल पर लगने वाला समय भी कम होगा। फास्टैग डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ है, और ऑनलाइन भुगतान विकल्प उसे और अधिक मजबूत बनाएगा।


