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विकासनगर में दर्दनाक हादसा, खनन डंपरों ने मवेशियों को रौंदा, पांच भैंसों की मौत, चार पशु गंभीर घायल

विकासनगर (देहरादून), शुक्रवार सुबह

बल्लूपुर–पांवटा फोरलेन हाईवे पर आदूवाला स्थित मित्रा ढाबा के पास शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रहे दो खनन डंपरों ने सड़क पर जा रहे मवेशियों को टक्कर मार दी, जिससे पांच भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन भैंस और एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गईं।

हादसे में पशुपालक वन गुर्जर यूसुफ बाल-बाल बच गए। घायल पशुओं को उपचार के लिए गोसदन भेजा गया है।


पांवटा साहिब से डेरे लौट रहे थे पशुपालक

जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर निवासी वन गुर्जर यूसुफ अपने 15 मवेशियों को हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से वापस अपने डेरे की ओर लेकर आ रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे जब वे धर्मावाला की दिशा से आगे बढ़ रहे थे, तभी पीछे से आए दो तेज रफ्तार डंपरों ने मवेशियों को टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपरों की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे पशुओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सड़क पर ही कुचल गए।


पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही हरबर्टपुर चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि पांच भैंसों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीन भैंस और एक गाय गंभीर रूप से घायल थीं।

शीशमबाड़ा से पशु चिकित्सकों की टीम को तत्काल बुलाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल पशुओं को आगे इलाज के लिए गोसदन भिजवाया गया। पुलिस ने दोनों डंपरों को चौकी में खड़ा करवा दिया है।

पुलिस के अनुसार, अभी तक पशुपालक की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


आजीविका पर पड़ा गहरा असर

पशुपालक यूसुफ ने बताया कि मवेशी ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन हैं। एक साथ पांच भैंसों की मौत और चार के घायल होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनके परिवार की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।


निष्कर्ष

खनन डंपरों की तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न केवल मानव जीवन बल्कि पशुधन के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर खनन वाहनों की गति पर सख्ती से नियंत्रण लगाने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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