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विकास, समावेशन और अवसरों का बजट: उत्तराखंड को मिलेगी नई रफ्तार

देहरादून | 1 फरवरी 2026

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को देश और राज्यों के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला बताया और कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखा गया है।


मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं, वंचित वर्गों, छोटे उद्यमियों और पिछड़े समुदायों पर विशेष फोकस किया गया है, जो “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को मजबूत करता है।


सीएम धामी ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, उद्योग और आधारभूत ढांचे के लिए किए गए प्रावधान न केवल देश के लिए, बल्कि उत्तराखंड के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होंगे। इससे राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्तावित पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स योजना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के संदर्भ में पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर दिया गया जोर राज्य के सतत विकास के लिए आवश्यक है और इससे पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी मजबूत होगी।


उन्होंने आगे कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई सेक्टर के लिए किए गए बजटीय प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में निवेश से राज्य और देश दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उत्तराखंड सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 न केवल देश की आर्थिक मजबूती को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान विकास के अवसर प्रदान करेगा, जिससे समावेशी और संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

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