देहरादून, 23 फरवरी 2026
शिक्षा निदेशालय में शिक्षा निदेशक के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। मामले में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पहले ही माफी मांग चुके हैं और पुलिस चार आरोपितों को गिरफ्तार भी कर चुकी है, लेकिन कांग्रेस अब सीधे विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गई है।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत थाने में धरना
सोमवार को कांग्रेस ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रायपुर थाने का घेराव किया। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हीरा सिंह बिष्ट, सोनिया आनंद रावत, युवा कांग्रेस नेता विनीत भट्ट समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान थाने परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा निदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारी के साथ मारपीट की घटना बेहद गंभीर है और इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। शहर में हत्याओं की घटनाएं हो रही हैं और अब जनप्रतिनिधि ही अधिकारियों को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्थन में कांग्रेस
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह प्रदेश के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पार्टी ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस मामले में जिम्मेदारी तय नहीं होती और उचित कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
48 घंटे का अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी गई कि यदि तय समय सीमा के भीतर विधायक की गिरफ्तारी नहीं होती, तो कांग्रेस आगे की रणनीति तैयार कर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी।
बाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) द्वारा पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपा और धरना समाप्त किया।
निष्कर्ष
शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट की घटना अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है। एक ओर जहां पुलिस चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं कांग्रेस विधायक की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने के मूड में है। आने वाले 48 घंटे इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


