देहरादून | 7 मार्च 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को ‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा’ और ‘मेरी पहचान-2026’ सम्मान से सम्मानित किया। यह कार्यक्रम महिला कल्याण विभाग की ओर से लोक भवन, देहरादून में आयोजित किया गया।
समाज के लिए प्रेरणा हैं सम्मानित महिलाएं: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सम्मान प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सर्वोच्च सम्मान का स्थान दिया गया है और उसे शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना जाता है।
राज्यपाल ने सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का प्रसिद्ध संदेश “सो क्यों मंदा आखिए जित जम्मे राजान” उद्धृत करते हुए कहा कि जिस नारी की कोख से राजा जन्म लेते हैं, उसे कभी भी कमतर नहीं आंका जा सकता।
महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, सम्मान और पहचान का अवसर
राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन महिलाओं के सम्मान, आत्ममूल्य और उनकी क्षमताओं को पहचानने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत से नई पहचान बना रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों ने बढ़ाई महिलाओं की आर्थिक ताकत
राज्यपाल ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन समूहों ने प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले कुछ वर्षों में इन समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवारों को आर्थिक सहारा दे रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
शिक्षा और खेल में बेटियों की बढ़ती उपलब्धियां
राज्यपाल ने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में बड़ी संख्या में बेटियां स्वर्ण पदक और अन्य उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस नारी के संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज में कई महिलाएं और बालिकाएं कठिन परिस्थितियों का सामना करती हैं, लेकिन उनके साहस और दृढ़ संकल्प से ही उन्हें पहचान और सम्मान मिलता है।
उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संघर्ष से बनी प्रेरणा की मिसाल
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष रूप से वे महिलाएं और बालिकाएं प्रेरणादायक हैं जिन्हें जीवन में पारिवारिक या सामाजिक सहारा कम मिला, लेकिन उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर समाज में सम्मानजनक स्थान हासिल किया।
निष्कर्ष
देहरादून में आयोजित यह सम्मान समारोह नारी शक्ति को सम्मान देने और समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने का महत्वपूर्ण अवसर बना। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलेगा, तब वे अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में और अधिक योगदान दे सकेंगी।


