देहरादून | 6 मार्च 2026
उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित एक प्रेसवार्ता में राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर रिपोर्ट में बताए गए आंकड़े वास्तव में सही हैं, तो फिर प्रदेश में लगातार हो रहे पलायन, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज को कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के दावे के बावजूद उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास और आर्थिक मजबूती के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में पूरी सच्चाई होती तो मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर इस रिपोर्ट पर सरकार का पक्ष रखते। उनका कहना था कि सरकार के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस रिपोर्ट पर सीधे जवाब न देना यह दर्शाता है कि आंकड़ों को लेकर पारदर्शिता की कमी है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आर्थिक विकास की रफ्तार इतनी तेज है जैसा कि सर्वेक्षण में दावा किया गया है, तो फिर पहाड़ों से लगातार हो रहा पलायन क्यों नहीं रुक पा रहा है।
काजी निजामुद्दीन ने सरकार से मांग की कि आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति क्या है और सरकार भविष्य में इसे सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है।
निष्कर्ष:
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर उठे इन सवालों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार कांग्रेस के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर उठे संदेहों को कैसे दूर किया जाता है।


