स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड | दिनांक: 12 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के हरिद्वार में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 पर्यटक बीच धारा में बने टापू पर फंस गए। घटना सप्तऋषि क्षेत्र स्थित कबीर कुटीर घाट की है, जहां स्नान कर रहे लोगों की जान पर बन आई थी।
जानकारी के अनुसार, कुछ पर्यटक गंगा के बीच बने एक टापू पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का बहाव तेजी से बढ़ा, जिससे टापू चारों ओर से पानी से घिर गया। देखते ही देखते वहां मौजूद सभी लोग फंस गए और बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ जल पुलिस की टीम भी रेस्क्यू बोट और आवश्यक उपकरणों के साथ पहुंची और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाए गए लोगों में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। सभी को सुरक्षित किनारे पर लाया गया और राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
पुलिस के अनुसार, सभी पर्यटक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से हरिद्वार घूमने आए थे। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण वे अनजाने में इस खतरनाक स्थिति में फंस गए।
घटना के बाद एसपी सिटी अभय सिंह ने आमजन से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और नदी के बहाव का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि नदी के बीच बने टापुओं या गहरे स्थानों पर जाने से बचें, क्योंकि जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान का खतरा हो सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में स्नान न करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
निष्कर्ष
हरिद्वार में समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन ने 21 लोगों की जान बचाकर एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। यह घटना एक चेतावनी भी है कि गंगा जैसे तेज बहाव वाली नदियों में सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन की तत्परता और टीमवर्क से जहां लोगों की जान बची, वहीं आमजन को भी सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख मिली है।


