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प्यार में मिले धोखे का बदला लेने के लिए 5 लाख की सुपारी, बैंककर्मी पर गोली चलाने वाला शूटर एनकाउंटर में घायल

देहरादून | 12 सितंबर 2026

देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर जानलेवा हमला करने वाले कथित सुपारी किलर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को देखकर भागे दो बदमाशों ने जंगल में पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

घायल आरोपी की पहचान हरिद्वार के लक्सर निवासी अंकित चौहान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अंकित ने दावा किया कि उसे एक महिला ने बैंककर्मी सत्यम कुमार की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। सौदे के तहत उसे 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस अब फरार आरोपी अंकुर की तलाश में कॉम्बिंग अभियान चला रही है।

8 सितंबर को बड़ोवाला में बैंककर्मी पर चली थी गोली

मामला 8 सितंबर की रात का है। पुलिस के मुताबिक सत्यम कुमार अपनी बहन के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। वी मार्ट चौक से आगे पेट्रोल पंप के करीब 200 मीटर आगे बड़ोवाला की ओर पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी को रोक लिया।

आरोप है कि बदमाशों ने स्कूटी के आगे अपनी मोटरसाइकिल लगाई और सत्यम को निशाना बनाकर फायर कर दिया। गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

मामले में पटेल नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की थी।


सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिली अहम जानकारी

घटना के बाद आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया। टीमों ने घटनास्थल के साथ आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से भी आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बड़ोवाला फायरिंग में शामिल दोनों आरोपी किसी अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए दोबारा देहरादून पहुंचे हैं।

गोरखपुर चौक पर पुलिस को देखकर भागे बदमाश

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पटेल नगर क्षेत्र में चेकिंग अभियान शुरू किया। गोरखपुर चौक के पास पुलिस ने बिना नंबर की बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया।

पुलिस को देखते ही दोनों बाइक सवारों ने रफ्तार बढ़ा दी और गोरखपुर चौक से प्रेमनगर जाने वाली सड़क की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया।

चाय बागान की पगडंडी पर पुलिस से हुई मुठभेड़

पुलिस के पीछा करने पर दोनों बदमाश चाय बागान की पगडंडी की ओर पहुंचे। यहां उन्होंने बाइक छोड़ दी और जंगल की तरफ भागने लगे।

पुलिस टीम ने जब उनका पीछा किया तो आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी।

दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

घायल आरोपी की पहचान अंकित चौहान के रूप में

पुलिस के अनुसार घायल आरोपी की पहचान अंकित चौहान निवासी सोसायटी रोड, लक्सर, केशव नगर, हरिद्वार के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान अंकुर के रूप में हुई है।

पुलिस ने मौके से एक तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के मुताबिक अंकित पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।

मोहित के जरिए महिला से हुई थी शूटर की मुलाकात

पूछताछ में अंकित ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उसकी मुलाकात हरिद्वार के रानीपुर निवासी मोहित से हुई थी। मोहित को उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी।

आरोप है कि मोहित ने ही अंकित की पहचान अपनी एक महिला परिचित से कराई। पुलिस के अनुसार यह महिला एक निजी बैंक में नौकरी करती थी।

महिला ने अंकित को अपनी पुरानी प्रेम कहानी बताते हुए कहा कि वर्ष 2020 में हरिद्वार के एक बैंक में नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात बिजनौर निवासी सत्यम कुमार से हुई थी। दोनों के बीच कई वर्षों तक संबंध रहे।

दूसरी लड़की से सगाई के बाद रिश्ते में आई दरार

पुलिस के मुताबिक महिला ने अंकित को बताया कि सत्यम करीब चार-पांच साल तक उसे शादी का भरोसा देता रहा। बाद में सत्यम ने किसी दूसरी युवती से सगाई कर ली।

आरोप है कि इससे नाराज महिला ने सत्यम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए मोहित और महिला ने मिलकर अंकित को हत्या की सुपारी देने का प्रस्ताव दिया।

पांच लाख में तय हुआ हत्या का सौदा

पुलिस के मुताबिक सत्यम की हत्या के बदले अंकित को पांच लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। वारदात से पहले उसे 1 लाख 20 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे।

बाकी रकम हत्या की वारदात पूरी होने के बाद देने का सौदा हुआ था। पुलिस के अनुसार महिला ने ही अंकित को सत्यम की फोटो उपलब्ध कराई और देहरादून स्थित उसके बैंक कार्यालय की जानकारी भी दी।

इसके बाद अंकित ने अपने साथी अंकुर के साथ मिलकर सत्यम की रेकी की और 8 सितंबर को बड़ोवाला में उस पर फायरिंग की।

बैंक से निकलते ही सत्यम का पीछा करने लगे थे आरोपी

एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक आरोपी 8 सितंबर को वारदात को अंजाम देने के लिए देहरादून आए थे। दोनों शाम के समय उज्जीवन बैंक के बाहर खड़े होकर सत्यम के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे।

करीब 7:45 बजे सत्यम बैंक से निकले तो दोनों ने मोटरसाइकिल से उनका पीछा किया। शिमला बायपास रोड पर बड़ोवाला के एक सुनसान स्थान पर बदमाशों ने अपनी बाइक सत्यम की स्कूटी के आगे लगाई और उन पर फायर कर दिया।

गोली लगने से सत्यम घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी वहां से भाग निकले।

वारदात के बाद दिल्ली और हरियाणा भागे आरोपी

पुलिस के अनुसार फायरिंग के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले दिल्ली और फिर हरियाणा चले गए थे। कुछ दिन बाद मोहित के कहने पर वे सुपारी की बची हुई रकम लेने के लिए दोबारा देहरादून पहुंचे।

यही वापसी उनके लिए भारी पड़ गई। पुलिस को पहले ही उनके देहरादून आने की सूचना मिल चुकी थी। गोरखपुर चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश की।

चाय बागान के जंगल में पहुंचने के बाद पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें अंकित घायल होकर पकड़ा गया। अब पुलिस फरार आरोपी अंकुर की तलाश में लगातार दबिश और कॉम्बिंग अभियान चला रही है।

पुलिस अब साजिश की बाकी कड़ियां खंगाल रही

पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। सुपारी की रकम, महिला और मोहित की भूमिका तथा वारदात से पहले की गई रेकी को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

फरार आरोपी अंकुर की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

निष्कर्ष

देहरादून के बड़ोवाला में बैंककर्मी पर हुई फायरिंग की जांच ने एक ऐसी साजिश का खुलासा किया है, जिसमें कथित तौर पर पुराने प्रेम संबंध और शादी को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद हत्या की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने एक कथित शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी फरार है।

अब पुलिस के सामने फरार आरोपी को पकड़ने के साथ-साथ सुपारी की पूरी साजिश, रकम के लेन-देन और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले की बाकी कड़ियां भी सामने आने की उम्मीद है।

बयान: प्रमोद कुमार, एसपी सिटी, देहरादून

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