स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 1 अक्टूबर 2026
देहरादून के वसंत विहार थाना क्षेत्र के बल्लीवाला स्थित नाथ वाटिका में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की घटना ने पुलिस को भी चौंका दिया है। आरोप है कि घर में करीब 20 दिन पहले काम पर रखा गया घरेलू सहायक ही इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार था। पुलिस के अनुसार, उसने परिवार का विश्वास हासिल करने के बाद खाने में नशीला पदार्थ मिलाया और परिवार के सदस्यों के बेहोश होने के बाद अपने चार साथियों को घर में बुलाकर नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गया।
खाना खाने के बाद बिगड़ी परिवार की हालत
परिवार के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10 बजे पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल और बेटे शुभम ने खाना खाया था। खाना तैयार किए जाने के दौरान घरेलू सहायक रसोई में मौजूद था। खाना खाने के कुछ समय बाद तीनों की तबीयत बिगड़ी और वे बेहोशी की हालत में चले गए।
घटना के बाद तीनों को उपचार के लिए सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद पार्षद के पति और बेटे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अमिता सिंह को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था।
रात करीब 1:20 बजे खटपट से खुली नींद
पार्षद के पति महिपाल की शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:20 बजे उन्हें घर में खटपट की आवाज सुनाई दी। नींद खुलने पर उन्होंने नौकर के साथ दो अन्य लोगों को घर के अंदर देखा।
आरोप है कि नौकर ने उन्हें यह कहकर दोबारा सोने के लिए कहा कि वह काम कर रहा है। इसी दौरान जब वह उठे तो घर में मौजूद लोग वहां से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, नौकर के चार साथी भी वारदात में शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पांचों अलग-अलग रास्तों से भागे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उनके आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटा रही है।
करीब एक घंटे तक घर में मौजूद रहे आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार के सदस्य जब बेहोशी की हालत में थे, उसी दौरान नौकर ने अपने साथियों को घर में बुलाया। आरोप है कि सभी ने काफी देर तक घर के अंदर रहकर अलमारियों और अन्य स्थानों को खंगाला और नकदी व आभूषण लेकर फरार हो गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घर में रखे कीमती सामान की जानकारी आरोपियों को कैसे मिली और घटना की योजना कब से बनाई जा रही थी।
लाइसेंसी पिस्टल भी मिली गायब, लोहे की रॉड बरामद
घटना के बाद घर से एक लाइसेंसी पिस्टल के भी गायब होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि पिस्टल पार्षद के बेटे शुभम के नाम पर थी।
वहीं, घटनास्थल से एक लोहे की रॉड भी बरामद हुई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वारदात के दौरान इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
दिल्ली की एजेंसी के जरिए रखा गया था नौकर
पुलिस की जांच में सामने आया है कि घरेलू सहायक को दिल्ली की एक एजेंसी के माध्यम से करीब 20 दिन पहले काम पर रखा गया था। परिवार के साथ इतने कम समय में उसने घर की दिनचर्या और अंदरूनी व्यवस्था की जानकारी हासिल कर ली थी।
पुलिस अब संबंधित एजेंसी से नौकर के दस्तावेज, भर्ती प्रक्रिया और उसके पते से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। साथ ही उसके संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी खंगाली जा रही है।
पुलिस की तीन टीमें जांच में जुटीं
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीमें लगाई हैं। घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की आवाजाही, संभावित भागने के रास्तों और नौकर के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का फोकस फरार नौकर और उसके साथियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के साथ-साथ चोरी किए गए आभूषण और नकदी की बरामदगी पर भी है।
नौकर का पुलिस सत्यापन न होने की बात भी सामने आई
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि दिल्ली की एजेंसी से आए घरेलू सहायक का देहरादून में स्थानीय पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि काम पर रखने से पहले उसके दस्तावेजों और आपराधिक रिकॉर्ड की कितनी जांच की गई थी।
यह घटना घरेलू सहायकों को काम पर रखने से पहले उनके दस्तावेज और पुलिस सत्यापन कराने की जरूरत को भी सामने लाती है।
निष्कर्ष
देहरादून में भाजपा पार्षद के घर हुई इस वारदात में पुलिस के सामने कई सवाल हैं—नौकर ने परिवार का भरोसा कैसे हासिल किया, उसे घर में रखे सामान की जानकारी कैसे मिली और उसके साथ वारदात में शामिल बताए जा रहे चार अन्य लोग कौन हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


