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मुख्यमंत्री धामी ने 332 नवनियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- नौकरी नहीं, जनसेवा का माध्यम समझें जिम्मेदारी

देहरादून | 5 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड में युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में सोमवार को एक और कार्यक्रम आयोजित किया गया। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कुल 332 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें आयुष विभाग के 271 और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे ईमानदारी, संवेदनशीलता तथा सेवाभाव के साथ अपने दायित्व निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी मिलने के साथ युवाओं के जीवन में केवल रोजगार का एक नया अध्याय नहीं जुड़ता, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ती है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवनियुक्त कर्मचारी सरकारी सेवा को केवल नौकरी तक सीमित न रखें। उनका व्यवहार और कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति को सरकारी व्यवस्था पर भरोसा महसूस हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाला व्यक्ति अपने साथ उम्मीद लेकर आता है।

उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। कर्मचारियों की तत्परता, कार्यकुशलता और सही निर्णय किसी मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

धामी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। उनके मुताबिक पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

उत्तराखंड को ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहचान योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा से भी जुड़ी है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने ‘आयुष सेतु पोर्टल’ को भी आयुष सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई होमस्टे को नजदीकी आयुर्वेद चिकित्सालयों की वेलनेस सेवाओं से जोड़ा गया है, ताकि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और अन्य लोगों को योग, आयुर्वेद और पंचकर्म जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में कर्मचारी राज्य बीमा योजना की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ईएसआई योजना प्रदेश के छह जिलों तक सीमित थी, जिसे अब सभी 13 जिलों में विस्तार दिया गया है।

रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है। वहीं हरिद्वार में 300 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। काशीपुर में ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि भी चिन्हित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने भी नवनियुक्त कार्मिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने और उन्हें आम जनता तक आसानी से पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि नए कार्मिकों की नियुक्ति से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त कार्मिक अपनी ऊर्जा, योग्यता और अनुभव का उपयोग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देंगे।

निष्कर्ष

332 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ आयुष और ईएसआई स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सेवा में उनकी भूमिका केवल विभागीय जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के भरोसे को मजबूत करना भी उनकी जिम्मेदारी है। सरकार की ओर से आयुष सेवाओं के विस्तार और ईएसआई स्वास्थ्य सुविधाओं को सभी जिलों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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