देहरादून, उत्तराखंड | 6 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के विरोध पर पलटवार करते हुए मतदाता सूची को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में पहले भी कई बार मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। ऐसे में अब इसको लेकर आपत्ति उठाए जाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं होना चाहिए।
‘SIR पहली बार नहीं हो रहा’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मतदाता सूची में नामों की जांच और उसे व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पहले भी होती रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब पहले SIR जैसी प्रक्रिया अपनाई गई, तब इस पर इसी तरह का विरोध क्यों नहीं किया गया।
उनके मुताबिक, चुनाव व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से दर्ज है या एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में मौजूद है तो ऐसी गड़बड़ियों को दूर किया जाना चाहिए।
‘एक व्यक्ति का नाम कई जगह होना भी समस्या’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के तौर पर दर्ज है तो इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए मतदाता सूची को व्यवस्थित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और व्यवस्थित बनाना है। ऐसे में इस प्रक्रिया पर आपत्ति करने के बजाय व्यवस्था को सही बनाने में सहयोग किया जाना चाहिए।
घुसपैठियों के वोट के अधिकार पर उठाया सवाल
कांग्रेस के विरोध पर मुख्यमंत्री धामी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या घुसपैठियों को भी वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए?
उन्होंने कहा कि देश की चुनाव व्यवस्था संविधान और निर्धारित नियमों के अनुसार ही चलेगी। मतदाता सूची में केवल पात्र लोगों का नाम होना जरूरी है और किसी भी तरह की अनियमितता को दूर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के विरोध पर धामी ने साधा निशाना
SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है तो किसी को इससे आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस तरह की आपत्तियों से कई सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि देश संविधान के अनुसार चलेगा और चुनावी व्यवस्था भी उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगी।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव
मुख्यमंत्री धामी इससे पहले भी SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सही मतदाता सूची बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मतदाता सूची में मौजूद संभावित गड़बड़ियों को दूर करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दूसरी ओर, कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रही है और इसे लेकर राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे में SIR अब उत्तराखंड की सियासत में भी एक प्रमुख मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में SIR को लेकर सत्ता पक्ष और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां मतदाता सूची को व्यवस्थित करने की जरूरत बताते हुए प्रक्रिया का समर्थन किया है, वहीं कांग्रेस इसके तरीके और प्रभाव को लेकर सवाल उठा रही है। अब आने वाले दिनों में SIR की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।


