स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
दिनांक: 7 अक्टूबर 2026
हरिद्वार में कांग्रेस की ओर से निकाली गई ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ यात्रा की शुरुआत विवाद और हंगामे के साथ हुई। शिवमूर्ति चौक के पास कांग्रेस के दो नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई और मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
यात्रा शुरू होने से पहले नेताओं के बीच हुई बहस
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के शिवमूर्ति चौक पहुंचने के बाद यात्रा को सुभाष घाट की ओर रवाना किया गया। इसी दौरान लालढांग के कांग्रेस नेता गुरजीत लहरी और मंगलौर के कांग्रेस नेता जितेंद्र पंवार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इसी दौरान गुरजीत लहरी के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई।
कुछ देर के लिए रैली स्थल पर मची अफरा-तफरी
घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पहले दोनों नेताओं के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। कुछ लोग बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसके बाद दोबारा विवाद बढ़ जाता है और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से भिड़ते नजर आते हैं।
कुछ समय के लिए शिवमूर्ति चौक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया और यात्रा आगे बढ़ी।
बड़े नेताओं की मौजूदगी में सामने आया पार्टी का अंदरूनी विवाद
खास बात यह रही कि यात्रा में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ऐसे में यात्रा की शुरुआत में ही समर्थकों के बीच हुआ विवाद कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जाता है कि गुरजीत लहरी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी बेटी एवं विधायक अनुपमा रावत के करीबी माने जाते हैं। वहीं, जितेंद्र पंवार को मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन का करीबी बताया जा रहा है।
गुरजीत लहरी ने लगाया अभद्रता का आरोप
विवाद को लेकर कांग्रेस नेता गुरजीत लहरी का कहना है कि जितेंद्र पंवार और उनके समर्थक उनके साथ अभद्रता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जाएगी और मामले को उनके सामने रखा जाएगा।
वहीं, कांग्रेस नेता जितेंद्र पंवार ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।
महानगर अध्यक्ष बोले- मामला संज्ञान में नहीं आया
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि उन्हें मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि वह यात्रा में आगे की ओर चल रहे थे, इसलिए पीछे हुए घटनाक्रम की उन्हें जानकारी नहीं मिल सकी।
निष्कर्ष
कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ यात्रा का उद्देश्य पार्टी के अभियान को जनता तक पहुंचाना था, लेकिन शुरुआत में ही नेताओं और समर्थकों के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। घटना को लेकर पार्टी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


