स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 7 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उन लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है, जिनके नाम सूची से हट गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 8 अक्टूबर से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
3 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक उत्तराखंड में अब कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। वहीं 6 जनवरी 2025 को जारी सूची में मतदाताओं की संख्या 84,29,459 थी। इस तरह दोनों सूचियों की तुलना में कुल 17,05,130 नाम हटाए गए, जबकि इस अवधि में 4,01,276 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं।
8 से 10 अक्टूबर तक बूथों पर लगेंगे विशेष कैंप
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर विशेष अभियान की तैयारी की गई है। इसके तहत 8 से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
इन कैंपों में वर्तमान मतदाता सूची का प्री-SIR से पहले की मतदाता सूची के साथ मिलान किया जाएगा। खास तौर पर उन मतदाताओं की जानकारी जांची जाएगी, जिनके नाम SIR की प्रक्रिया के दौरान सूची से हटाए गए हैं।
12 से 20 अक्टूबर तक चलेगा घर-घर सत्यापन
बूथ स्तर के अभियान के बाद 12 से 20 अक्टूबर तक BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस दौरान हटाए गए नामों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट गया है तो BLO मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाकर नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस अभियान से संबंधित जानकारी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट के साथ भी साझा की जाएगी।
CEO ने बताया, आयोग के निर्देश पर शुरू हो रहा अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 8 से 10 अक्टूबर तक सभी बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
इन कैंपों में प्री-SIR से पहले की मतदाता सूची और वर्तमान सूची का मिलान किया जाएगा, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जा सकें।
SIR से पहले भी हटे थे लाखों नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी 2025 की मतदाता सूची में उत्तराखंड में 84,29,459 मतदाता थे। इसी सूची के आधार पर प्री-SIR और बाद में SIR की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
20 मई 2026 से पहले तक चले प्री-SIR अभियान में 7,73,445 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 2,71,404 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। इसके बाद SIR के लिए मतदाता सूची को फ्रीज किए जाने के समय प्रदेश में कुल 79,27,418 मतदाता दर्ज थे।
SIR के दौरान भी लाखों नाम सूची से हटे
SIR की प्रक्रिया के दौरान ASDD श्रेणी में 8,26,977 मतदाता पाए गए, जबकि इनएलिजिबल श्रेणी में 1,04,708 नाम दर्ज किए गए। इन श्रेणियों के आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाए गए।
वहीं, SIR प्रक्रिया के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 71,58,949 रह गई।
17.05 लाख नाम हटने का पूरा हिसाब
आंकड़ों के अनुसार 6 जनवरी 2025 से 3 अक्टूबर 2026 के बीच उत्तराखंड की मतदाता सूची से कुल 17,05,130 नाम हटाए गए। इनमें प्री-SIR के दौरान हटाए गए 7,73,445 नाम और SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए 8,26,977 ASDD तथा 1,04,708 इनएलिजिबल मतदाता शामिल हैं।
इसी अवधि में कुल 4,01,276 नाम मतदाता सूची में जोड़े गए।
अब पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मौका
SIR के बाद शुरू होने वाला विशेष अभियान उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनके नाम किसी कारण से अंतिम मतदाता सूची में नहीं हैं। बूथ स्तर पर कैंप और घर-घर सत्यापन के माध्यम से ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी।
पात्र मतदाता नाम जोड़ने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं। इसके बाद निर्वाचन विभाग दस्तावेजों और पात्रता के आधार पर नाम शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतदाता सूची को लेकर अगला चरण शुरू हो रहा है। 8 से 10 अक्टूबर तक विशेष बूथ कैंप और 12 से 20 अक्टूबर तक घर-घर अभियान के जरिए छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में फिर बदलाव होने और बड़ी संख्या में नाम जुड़ने की संभावना है।


