दिनांक: 9 अक्टूबर 2026
स्थान: हरिद्वार/रामनगर, उत्तराखंड
उत्तराखंड में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह से ही प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। हरिद्वार में तेज हवाओं और बारिश के साथ कई इलाकों में बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे कुछ वाहनों के शीशे टूटने की खबर सामने आई। वहीं, रामनगर के कानिया चौराहे पर बारिश के बीच एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में एक स्कूटी और फल का ठेला आ गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
हरिद्वार में तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि
शुक्रवार सुबह हरिद्वार में आसमान पर काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब 10:30 बजे के बाद मौसम ने और तेजी से करवट ली तथा कई इलाकों में ओलावृष्टि होने लगी।
रोशनाबाद और रावली क्षेत्र में ओले गिरने का असर अधिक देखने को मिला। यहां बड़े आकार के ओले गिरने से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। अचानक हुई ओलावृष्टि से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। लोगों ने ओले गिरने के दृश्य अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण सड़क पर निकलने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेज बारिश और हवाओं के बीच कई लोग सुरक्षित स्थानों पर रुकते नजर आए। बारिश के चलते तापमान में गिरावट महसूस की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
हालांकि, ओलावृष्टि से वाहनों को हुए नुकसान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। बड़े आकार के ओले गिरने से खुले में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई।
रामनगर में भरभराकर गिरा विशालकाय पेड़, स्कूटी और ठेला दबे
उधर, रामनगर के कानिया चौराहे पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। घटना के समय बारिश हो रही थी। पेड़ का भारी तना बैंक के बाहर खड़ी एक स्कूटी पर गिरा, जिससे वह उसके नीचे दब गई। पास में लगा फल का ठेला भी पेड़ की चपेट में आ गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, फल ठेला संचालक ने पेड़ को गिरते देख तुरंत वहां से हटकर अपनी जान बचाई। यदि वह समय रहते मौके से नहीं हटता, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पेड़ गिरने के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर पेड़ के आ जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ।
फायर ब्रिगेड ने हटाया पेड़, यातायात बहाल करने की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम किया, ताकि रास्ता साफ कर यातायात सुचारु किया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं के दौरान सड़कों के किनारे खड़े पुराने तथा विशाल पेड़ों से पैदा होने वाले खतरे की ओर ध्यान दिलाया है।
12 अक्टूबर तक बारिश की संभावना, आंधी-तूफान का भी अलर्ट
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने, पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में बदले मौसम का असर हरिद्वार और रामनगर में साफ दिखाई दिया। हरिद्वार में ओलावृष्टि से वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि रामनगर में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और एक स्कूटी व फल का ठेला उसकी चपेट में आ गए। हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।


