देहरादून, 24 अक्टूबर 2026
देहरादून के समर वैली स्कूल में नाबालिग छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा कथित छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और आरोपी शिक्षक की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
महिला आयोग अध्यक्ष ने पुलिस से की बातचीत
सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से मामला सामने आने के बाद महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक जया बलूनी से फोन पर विस्तृत जानकारी ली।
पुलिस अधीक्षक ने उन्हें बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
इस पर आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
‘शिक्षा के मंदिर में ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं’
कुसुम कंडवाल ने कहा कि विद्यालय में छात्राओं के साथ इस तरह का कथित दुर्व्यवहार बेहद गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की गरिमा और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि छात्राओं के साथ लंबे समय से अनुचित स्पर्श (बैड टच) किए जाने के आरोप हैं, तो विद्यालय स्तर पर समय रहते शिकायतों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन और ICC समिति की भूमिका भी जांच के दायरे में
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मामले को दबाने, आरोपी शिक्षक का बचाव करने और छात्राओं पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, दबाव बनाने या मामले को छिपाने में संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयोग का कहना है कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें बिना किसी भय या दबाव के अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
स्कूल का दौरा करेंगी कुसुम कंडवाल, छात्राओं की होगी काउंसलिंग
महिला आयोग अध्यक्ष ने बताया कि वह स्वयं विद्यालय जाकर घटनाक्रम की जानकारी लेंगी और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करेंगी।
इसके साथ ही प्रभावित छात्राओं को मानसिक सहयोग देने के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से विशेष काउंसलिंग कराने की बात कही गई है। आयोग का उद्देश्य छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और गरिमा सुनिश्चित करना है, ताकि वे किसी भय या दबाव के बिना अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
बेटियों की सुरक्षा पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
कुसुम कंडवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सम्मान को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला आयोग प्रभावित छात्राओं और उनके परिवारों के साथ खड़ा है। मामले में निष्पक्ष जांच, पीड़ितों की सुरक्षा और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जाएगा।
निष्कर्ष
देहरादून के समर वैली स्कूल से जुड़ा यह मामला विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों के समय पर निस्तारण की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। महिला आयोग ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी, विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की जांच और प्रभावित छात्राओं की काउंसलिंग के निर्देश दिए हैं। अब मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।


